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Basti News: बसों में कटे-फटे टायर से ब्रेकडाउन हुईं बसें तो नपेंगे जिम्मेदार...गर्मी पर अलर्ट

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बस्ती। भीषण गर्मी से सड़क गर्म हो जा रही और रोडवेज की बसों के टायर को नुकसान भी पहुंचाना शुरू कर दी है। बसों में पुराने कटे-फटे टायर यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। परिवहन निगम ने अब वर्कशॉप को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। टायरों की जांच के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि टायर के चलते यदि कोई हादसा हुआ तो संबंधित पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।
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भीषण गर्मी में रोडवेज बसों के कटे-फटे टायर बीच रास्ते दगा दे रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए परिवहन निगम प्रशासन ने वर्कशॉप को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। सेवा प्रबंधक और फोरमैन को निर्देश दिए गए हैं कि बसों के टायरों की आठ मुख्य बिंदुओं पर अनिवार्य जांच की जाए। प्रधान प्रबंधक प्राविधिक आरबीएल शर्मा की ओर से जारी पत्र में सेवा प्रबंधक को बसों में लगे टायरों की जांच के संबंध में दिशा-निर्देश भेजे हैं। मौजूदा समय में वायुमंडल का तापमान अधिकतम है, ऐसे मौसम में टायर से संबंधित ब्रेकडाउन की संभावना बनी रहती हैं। पत्र में कहा गया है कि बढ़ते तापमान के कारण टायर फटने की घटनाओं पर प्रबंध निदेशक ने सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि टायर संबंधी किसी प्रकार की घटना या ब्रेकडाउन मामले में दोषी अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। बता दें कि यह सख्ती 22 मई को मेरठ-शामली मार्ग पर मेरठ डिपो की एक बस का पिछला टायर फटने से बस का फर्श टूट गया, जिससे एक यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो गया। ऐसी ही घटना लखनऊ-दिल्ली मार्ग पर भी सामने आ चुकी है। इसके बाद यह आदेश जारी हुआ है। एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि टायरों की जांच शुरू है। बिना जांच के कोई भी बस रूट पर न भेजने के लिए कहा गया है।
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इन बिंदुओं पर होगी टायरों की जांच

- बस के टायर कटे-फटे न हो, भली-भांति जांच हो
-टायर में हवा का प्रेशर की जांच कराना तय करें
-टायर बदलने के लिए बसों में टूल्स की उपलब्ध हो
-नए टायर को रिट्रिडिंग के लिए उतार लिया जाए
- रात में डिपो आने वाली बसों के टायर की जांच हो

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डिपो में निगम की 103 बसें संचालित हैं, सभी के टायर देखे जा रहे। आठ बिंदुओं पर जांच के बाद ही बसें रूट पर भेज रहे।
आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती
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