बस्ती। स्वास्थ्य विभाग उच्च जोखिम प्रसव (हाईरिस्क प्रेग्नेंसी) वाली महिलाओं को खोज कर बाहर लाएगा। इस वित्तीय वर्ष में एचआरपी महिलाओं को चिह्नित किया जा रहा है, मगर औसत कम होने पर विभाग की रैकिंग कम है। ऐसे में बुधवार को डिप्टी सीएमओ आरसीएच डॉ. बृजेश कुमार शुक्ल ने जूम एप के जरिये मीटिंग की और सभी 14 सीएचसी के एमओआईसी, बीसीपीएम, बीपीएम, एआरओ को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं को एचआरपी के लिए चिह्नित किया जाए। इसके लिए गांव में रोस्टर के अनुसार भ्रमण करें।
प्रसव के बाद महिलाओं व बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जिले निगरानी करें। उच्च जोखिम वाली महिलाओं की खोज कर उनका संस्थागत प्रसव कराएं। उन्होंने संस्थागत प्रसव बढ़ाने के साथ हाइपरटेंशन और डायबीटिज रोगियों को भी चिह्नित कर उनका उपचार कराने तथा टीबी के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग और जांच करने के लिए निर्देश दिए। कुपोषित बच्चों का चिह्नांकन कर उन्हें एनआरसी में भर्ती करने के साथ अंतरविभागीय बैठक कर सभी नेशनल हेल्थ प्रोग्राम की स्थिति सुधारने के लिए प्रेरित किया। गर्भवती महिलाओं में एनिमिया, रक्तचाप, डायबिटीज आदि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच और एचआरपी डे पर गर्भवती महिलाओं की जांच कराने के लिए भी निर्देशित किया।