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आईसीआईसीआई बैंक लूटकांड: पगडंडी पर ढूंढ रहे लुटेरों के पद-चिन्ह

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आईसीआईसीआई बैंक लूटकांड: पगडंडी पर ढूंढ रहे लुटेरों के पद-चिन्ह
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बस्ती। आईसीआईसीआई बैंक लूटकांड में पुलिस तीसरे दिन भी लकीर पीटने में व्यस्त रही। संभावनाओं के आधार पर पूरी ताकत लगाकर टीमें लुटेरों की परछाई छूने की कोशिश कर रही है। मगर रविवार रात तक जाहिरा तौर पर कोई प्रगति नहीं दिखी। हालांकि अंदरखाने में चल रही हलचल और सरगर्मी में कोई न कोई कायदे की खिचड़ी पकने के संकेत मिले हैं। हालांकि जिम्मेदार बात को टाल गए।
शुक्रवार दोपहर एक बजे दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने आईसीआईसीआई बैंक में लूट की थी। उनके बारे में पुलिस को सिर्फ उतना ही पता है, जितना सीसीटीवी फुटेज में पहले दिन देखा गया। सुपर स्प्लेंडर बाइक से चार की संख्या में बदमाश थे, जिनमें दो हेलमेट लगाए थे। पचपेड़िया रोड पर नोटों की गड्डियां गिरी मिलने के बाद माना गया कि बदमाश उसी रूट से होकर हाईवे की तरफ निकले। पुलिस का मानना है कि दो बाइक एक ही स्पीड में जिस भी रूट पर गई होगी, उस पर गुजर रहे स्थानीय राहगीरों की नजर जरूर पड़ी होगी। पुलिस की एक टीम ऐसे स्थानीय किसी राहगीर की टोह में लगी रही। इससे उन बदमाशों के भागने का रूट पता चलेगा। इसके अलावा आसपास जनपदों में गई कई टीमों ने कुछ खास स्थानों पर दबिश दी और कईयों को कुछ घंटे हिरासत में भी रखकर पूछताछ किया लेकिन कुछ हासिल नहीं हो सका। पहले दिन से ही नौ टीमें सूबे के कई जनपदों में तलाश कर चुकी है। गार्ड और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा चुकी है। बैंक के पुराने फुटेज को भी पुलिस बारीकी से खंगाला रही है। एसपी का कहना है कि लगातार 48 घंटे से चीजों को जांचा-परखा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द कामयाबी मिल जाएगी। मगर एसपी ने भी दिशा-दशा का जिक्र नहीं किया, पर उम्मीद जताया कि महराजगंज और अंबेडकरनगर में हुई लूट का भी बस्ती से ही पर्दाफाश किया जाएगा।
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जिले के भीतर ही होने का अनुमान
- पुलिस को यकीन है कि बदमाश ज्यादा दूर नहीं गए होंगे। उसे लगता है कि अभी वे कहीं न कहीं स्थानीय ठिकाने पर हैं। ऐसे में पुलिस की बारीक नजर हर संभावित रूट पर भी है। चूंकि बदमाशों ने जो बाइक इस्तेमाल किया वह बिल्कुल सामान्य किस्म की है। यानी कोई रेसर बाइक नहीं बल्कि आम प्रचलित ब्रांड की बाइक चुना है, ताकि लोगों में आसानी से घुलमिल सकें। इसके मद्देनजर भी पुलिस की खास जांच की जा रही है।
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वीरेंद्र
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