- अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा
- 15 हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया
बस्ती। न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राम करन यादव की अदालत ने दहेज की मांग को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी पति विनय यादव निवासी ग्राम कबरा खास थाना लालंगज को सात वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपया अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अदा ने करने पर एक वर्ष तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
एडीजीसी राघवेश प्रसाद पांडेय ने अदालत को बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र के आगया उर्फ भित्तिहा के झंगरू लालगंज थाना में तहरीर देकर बताया कि उसकी बेटी अंकिता (20) का करीब दो वर्ष पूर्व ग्राम कबरा खास थाना लालगंज के विनय यादव के साथ प्रेम विवाह कर उसके साथ रहने लगी। छह माह तक दोनों के संंबंध ठीक रहे। उसके बाद विनय पुत्री को प्रताड़ित करने लगा। पुत्री अपने चाचा बबलू व उसकी पत्नी को फोन से बताती थी। पुत्री से दहेज में कुछ न देने का ताना मारते थे। साथ ही दहेज की मांग करते थे।
25 अगस्त 2021 को पति ने सूचना मिली कि पुत्री की मौत हो गई। ग्राम कबरा खास पहुंचकर देखा तो पुत्री अपने कमरे में गले में फंदा लगाकर मर चुकी थी। उस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई। मामला पंजीकृत होने के बाद मामले में विवेचना शुरू हुई। अंकिता के शव का पंचनामा के बाद सबूत के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति को सात वर्ष की सजा सुनाई है।