गैर-इरादतन हत्या में पत्नी को पांच साल की सजा, भाई बरी
बस्ती। गैर-इरादतन हत्या में आरोपी पत्नी को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ (ईसी एक्ट) मुकेश कुमार सिंह ने पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाया है। 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। इसे अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जबकि भाई अवधेश को बरी कर दिया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रदीप कुमार पांडेय ने अदालत के समक्ष घटना का विवरण रखा। बताया कि वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के बाघापार निवासी बच्चू लाल ने लालगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उनकी बहू निर्मला ने डेल्हापार में किराए की दुकान में सिलाई-बुनाई का काम करती हैं। बेटा विजय कुमार डेल्हापार में किराना की दुकान चलाता था। दो जून 2012 की रात करीब आठ बजे किसी बात को लेकर दोनों में लड़ाई हुई। मारपीट में दोनों को चोटें आईं। एक व्यक्ति ने बेटे विजय के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना दिया। मौके पर पहुंचकर देखा तो बेटा अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ा था। स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान विजय की मृत्यु हो गई। बच्चू लाल की तहरीर पर मृतक की पत्नी के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। वादी के बयान के आधार पर उसके लड़के अवधेश कुमार को बतौर अभियुक्त तलब किया गया। अभियोजन की ओर वादी सहित 11 गवाहों के बयान हुए। इसमें गंभीर रूप से घायल विजय की मृत्यु अधिक खून बहने के कारण होने की पुष्टि हुई। अदालत ने पत्नी को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई। जबकि भाई अवधेश को बरी कर दिया।