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भीषण गर्मी : उल्टी-दस्त के सौ मरीज पहुंच रहे अस्पताल

Sun, 18 Jun 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। जनपद के दो बड़े अस्पतालों में इन दिनों उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल एवं मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी सेवा में प्रतिदिन औसतन ढाई सौ मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इसमें सौ से अधिक मरीज उल्टी दस्त के है। गनीमत यह कि भीषण गर्मी में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या भले ही बढ़ गई है लेकिन इससे होने वाली मौत का आंकड़ा शून्य है। 15 दिनाें में दोनों अस्पतालों में कुल 15 मौतें हुई हैं, लेकिन इनमें उल्टी-दस्त से पीड़ित एक भी मरीज नहीं है। इन अस्पतालों में उल्टी दस्त की बीमारी पर नियंत्रण कर लिया जा रहा है। जिससे हफ्ते-दस दिन बाद मरीज ठीक होकर घर चले जा रहे हैं। टीम ने दोनों अस्पतालों का शनिवार की शाम पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट-
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जिला अस्पताल में घायल मरीजों को लेकर रही हलचल
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी सेवा बहाल रही। शाम छह बजे से सात बजे तक यहां पांच मरीज भर्ती किए गए थे। दुर्घटना में घायल दो मरीज इमरजेंसी कक्ष में रखे गए थे। ईएमओ डा. दीपक चौरसिया की देखरेख में अस्पताल के स्टाफ घायल दोनों मरीजों का प्राथमिक उपचार कर रहे थे। यहां मौजूद चीफ फार्मासिस्ट ने बताया कि चौबीस घंटे में इमरजेंसी में 100 से 125 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसमें 35 से 40 मरीज उल्टी दस्त के शामिल हैं। जिन्हें तत्काल उपचार के बाद भर्ती कर दिया जा रहा है। उल्टी दस्त के मरीजों की मौत इमरजेंसी में इस बार नहीं हुई है। वहीं ओपीडी में प्रतिदिन 1000 से 1200 मरीजों का आवक है। फिजिशियन डा. रामजी सोनी ने बयाया कि उल्टी दस्त के प्रतिदिन 200 से ढाई सौ मरीज आ रहे हैं। इसमें से 10 -15 की संख्या में भर्ती हो रहे हैं। बाकी दवा लेकर चले जा रहे हैं। जिला अस्पताल में 15 दिनों के भीतर भर्ती मरीजों की कुल पांच मौत हुई। लेकिन इसमें ह्दय रोग, किडनी एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीज शामिल रहे। उल्टी दस्त से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है।

मेडिकल कालेज में समय शाम 7.30 बजे इमरजेंसी में मरीजों का दबाव बढ़ा हुुआ है। यहां मरीज एक-एक कर भर्ती किए जा रहे हैं। बनकटी से आए शिवप्रसाद ने बताया कि उनके 68 वर्षीय पिता उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। उन्हें भर्ती कराया गया है। बोतल के साथ इंजेक्शन आदि लगने के दो घंटे बाद अब वह आराम में है। चिकित्सक डाॅ. अनिल यादव ने बताया कि प्रति दिन इमरजेंसी में डेढ़ सौ मरीज आ रहे हैं। औसतन 50 मरीज उल्टी-दस्त के रहते हैं। उनकी बीमारी पर नियंत्रण कर लिया जा रहा है। अभी यहां उल्टी दस्त से मरीज के मौत होने का मामला सामने नहीं आया है। मेडिकल कालेज में 15 दिनों के दौरान 10 मरीजों की मौत बताई गई। लेकिन इसमें उल्टी दस्त के मरीज शामिल नहीं है। मरने वालों में दुर्घटनाग्रस्त एवं हृदय रोग के मरीज ज्यादातर शामिल रहे।
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हमारे यहां उल्टी दस्त के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इनका त्वरित उपचार हो रहा है। ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी जरूर है लेकिन दवा इलाज के जरिए इस बीमारी पर नियंत्रण कर लिया जा रहा है। -डाॅ. राम प्रकाश, प्रभारी एसआईसी, जिला अस्पताल।
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मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में उल्टी दस्त के मरीजों पर तत्काल राहत पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था है। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। -डाॅ. मनोज कुमार, प्राचार्य, महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कालेज।
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