डीएम ने की पहल, पीडब्ल्यूडी भवन निर्माण खंड ने भेजा एस्टीमेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हर्रैया तहसील के पुराने भवन को ध्वस्त कर राजस्व कर्मियों व अधिकारियों के लिए आवास बनाए जाएंगे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी भवन निर्माण खंड ने करीब दस करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा है। उम्मीद है कि लंबे समय से दुश्वारी झेल रहे यहां के राजस्व कर्मियों व अधिकारियों की अब आवास की समस्या दूर हो जाएगी।
मंडल के पांच तहसील परिसरों में राजस्व कर्मियों के आवासों का निर्माण करवाने के लिए साल भर पहले पीडब्ल्यूडी के भवन खंड ने करीब 57 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा था। इसमें सदर, हर्रैया, भानपुर, रुधौली व सिद्धार्थनगर के नौगढ़ तहसील मुख्यालय शामिल थे। यहां तहसील भवनों का निर्माण हो चुका है, लेकिन अधिकारी, तहसीलदार व राजस्व विभाग के कर्मचारी या तो जिला मुख्यालय से आवागमन करते हैं या फिर तहसील मुख्यालयों से सटे क्षेत्रों में किराए का मकान लेकर रहते हैं।
इसे देखते हुए मंडल प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के भवन खंड को आवासों के लिए जनवरी 2023 में एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिया थे। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्यपाल ने सहायक अभियंता अखिलेश कुमार सिंह व अवर अभियंता आरपी चौधरी की टीम से सभी तहसील परिसरों का सर्वे कर करीब 57 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार करवाया और साल भर पहले फरवरी में शासन को भेजा था।
करीब दो माह पहले रुधौली तहसील में समाधान दिवस पर पहुंचे डीएम अंद्रा वामसी ने जब यहां की समस्या को देखा तो 30 दिसंबर को इंजीनियरों को रुधौली तहसील का दोबारा एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। पीडब्लयूडी भवन खंड के अभियंताओं ने 8.55 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर जनवरी में भेज दिया है।
ऐसा ही कुछ हर्रैया तहसील के निरीक्षण में डीएम अंद्रा वामसी ने पाया तो यहां भी पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदारों के पेच कसे। तत्काल एस्टीमेट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी भवन निर्माण खंड के एक्सईएन सत्यपाल ने एई अखिलेश सिंह व जेई आरपी चौधरी की टीम को एस्टीमेट तैयार करवाने की जिम्मेदारी सौंपी। टीम ने यहां के पुराने तहसील भवन को ध्वस्त करने व नए आवासों को बनवाने के लिए कुल 9 करोड़ 82 लाख 6 हजार रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है।
पीडब्ल्यूडी भवन निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता सत्यपाल ने बताया कि हर्रैया के पुराने तहसील परिसर में आवास निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।