शहर में टीकाकरण का ग्राफ गिरा, ग्रामीण इलाकों में भी प्रगति धीमी
जागरूकता का अभाव या फिर लापरवाही, टीका नहीं लगवा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनजागरूकता अभियान के बावजूद बच्चों के टीकाकरण के प्रति अभिभावक उदासीन हैं। तमाम लोग टीका लगवाने से इन्कार कर दे रहे हैं। शहर में ही 100 से अधिक परिवार अपने बच्चों को टीका नहीं लगवाना चाहते हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मिजल्स रूबैला (एमआर) के फैलाव को लेकर चेतावनी जारी किया है। अब एमआर टीका को लेकर भी जोर है, लेकिन टीकाकरण से 100 परिवारों के इन्कार करने से शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना चुनौती बन गया है। सर्वाधिक खराब स्थिति शहर की है। शहरी और 14 ब्लॉकों की स्थिति देखें तो कुल 790 परिवार ऐसे हैं, जो अपने बच्चों को टीका लगवाने से मना कर चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार बस्ती में 95.58 फीसदी, संतकबीरनगर में 84.89 जबकि सिद्धार्थनगर में 76.55 फीसदी टीकाकरण हुआ है।
बुधवार और शनिवार को शून्य से पांच साल तक के बच्चों को नियमित टीका लगाया जाता है। टीकाकरण से पोलियो, हेपेटाइटिस, इंसेफेलाइटिस, डिप्थीरिया, खसरा और टिटनेस जैसी 12 गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। बीसीजी जन्म के 24 घंटे के भीतर लगता है। जबकि अन्य टीके क्रमवार लगाए जाते हैं।
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बस्ती मंडल में टीकाकरण की स्थिति
जिला प्रतिरक्षित न लगवाने वाले लोग
बस्ती
54056 790
संतकबीरनगर 38359 787
सिद्धार्थनगर 62037 1498
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कोट
टीका न लगवाने वाले परिवार को प्रोत्साहित करके शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए सुपरवाइजर और ब्लॉकवार बनी टीम को निर्देशित किया गया है। यूनीसेफ, डब्ल्यूएचओ व अन्य संस्थाओं की मदद ली जा रही है
- डॉ. नीरज पांडेय, एडी हेल्थ, बस्ती मंडल