एक साथ भर्ती होकर इलाज करा सकेंगे गंभीर रोगों के 50 मरीज
कोरोना लॉकडाउन के कारण साल भर विलंब से पूरा हुआ निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रुधौली तहसील मुख्यालय से सटे बखरिया गांव में बनकर तैयार राजकीय आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक अस्पताल का निर्माण तीन महीने पहले पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक एमओआईसी की तैनाती न हो पाने के कारण यह बेकार पड़ा है। ऐसे में मरीजों का इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। जबकि जिले में अब तक का यह सबसे बड़ा अस्पताल माना जा रहा है, जहां एक साथ 50 मरीजों को भर्ती करने की सुविधा मिलेगी।
30 अक्तूबर 2019 को शुरू हुए इस 5000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले चिकित्सालय के निर्माण को पूरा करने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था यूपी सिडको को दो साल पहले यानी कि 30 अक्तूबर 2021 तक पूर्ण करने का समय दिया था। इसी बीच मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण पूरे देश में लॉकडाउन हो गया। जिससे निर्माण कार्य प्रभावित रहा। शासन ने दोबारा 30 अक्तूबर 2022 तक के लिए साल भर का अतिरिक्त समय दिया। यह चिकित्सालय अब जाकर अपने पूरे कलेवर में आ चुका है।
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यह मिलेंगी सुविधाएं
6 करोड़ 94 लाख रुपये से निर्मित इस चिकित्सालय में कई ब्लॉक बनाए गए हैं, जिसमें आयुर्वेदिक ब्लॉक, यूनानी, होम्योपैथिक व योग ब्लॉकों का निर्माण किया गया है। जहां अलग-अलग चिकित्सीय विधाओं से मरीजों को स्वस्थ किया जाएगा। साथ ही ओपीडी का निर्माण कर बिजली व पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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हैंडओवर के लिए तीन महीने पहले भेजा गया पत्र
यूपी सिडको के एक्सईएन आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि तीन मंजिला चिकित्सालय का निर्माण तीन महीने पहले पूरा हो चुका है और आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। तकनीकी व थर्ड पार्टी जांच भी पूरी हो चुकी है। आयुर्वेद विभाग को पत्र लिखकर हस्तांरित करने के लिए कहा जा चुका है लेकिन एमओआईसी की तैनाती न होने के कारण अभी तक हस्तांतरित नहीं हो सका है।