राष्ट्रीय कार्यक्रम पल्स पोलियो के बहिष्कार पर चेतावनी और हर्रैया में मुकदमा दर्ज होने का भी आशा कार्यकर्ताओं पर कोई फर्क नहीं पड़ा। सोमवार सुबह से गोद में मासूमों को लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर मांगों से संबंधित नारों से आवाज बुलंद करती रहीं। बभनान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डटी आशा और संगिनी लगातार सरकार विरोधी नारे बाजी कर प्रदर्शन करती रहीं। संघ गौर ब्लॉक अध्यक्ष प्रमिला गुप्ता व उपाध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगें मान नहीं लेती है। तब तक प्रदर्शन इसी तरह चलता रहेगा। इस दौरान सुधा पांडे, सुमन देवी, विमला, पुष्पा, मंजू, रेखा देवी, अनीता, सुभावती, रंजना,चन्द्रकला, रूपमा सिंह, माधुरी देवी, शीला यादव, क्षमा सिंह, कुसुम देवी समेत कई आशा कार्यकर्ता रहीं।
सल्टौआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं ने रात में भी धरना दिया। जिला संरक्षक फूल चंद चौधरी ने कहा कि आशा कर्मियों को तत्काल राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। ब्लॉक अध्यक्ष सुशीला चौधरी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें उदासीन हैं। इस दौरान संतोला यादव, अनीता पांडेय, विद्यावती आदि रहीं। बहादुरपुर में भी आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिसमें शीला पांडेय, दुर्गंश नंदिनी, गायत्री, किरन, आदि ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. पवन कुमार वर्मा को मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया।
शनिवार को हर्रैया सीएचसी पर आशा के उग्र प्रदर्शन के बाद सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ था। सीएचसी अधीक्षक ने प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस को सूचना दी थी। थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह ने डॉ आरके सिंह के प्रार्थना पत्र पर आशा संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा ब्लॉक अध्यक्ष सुशीला सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।