आशा व संगिनियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में छह सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन जारी रखा। प्रमुख मांगों में संगिनी को छह माह का प्रशिक्षण देकर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, कम से कम 18 हजार रुपयेे प्रति माह मानदेय देने, आशा को ठहरने के लिए कमरा उपलब्ध कराने, मृत्यु की दशा में परिवार के सदस्य को आशा के रूप में नियुक्ति करने, योग्यता के आधार पर एएनएम की भर्ती में वरीयता आदि सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार पीएचसी पर हुई बैठक में ब्लॉक इकाई की अध्यक्ष अर्चना पाल ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार से हमें भीख नहीं हमारा हक चाहिए। हम अपना हक लेकर रहेंगे। मांगें अविलंब पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वह टीकाकरण, पल्स पोलियो, गृहभ्रमण, बच्चों की देख रेख, रजिस्टरों का सर्वे आदि अन्य कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर मीरा देवी, सोनमती, मिथिला देवी ,सुधा पाल, पूनम, संतोषी देवी, परमिला देवी, सूफिया, सन्नो, गीता पाल, कुसुम लता, किरन देवी, अनीता, माला, अनीता, अर्चना पाल आदि मौजूद रही।
परशुरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी पर छह सूत्री मांग पत्र चिकित्साधिकारी डॉ. भास्कर यादव को दिया गया। इसमें आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मौत की दशा परिजनों की नियुक्ति, एएनएम के पद पर भर्ती में वरीयता, रात्रि ड्यूटी के समय अस्पताल पर ठहरने की व्यवस्था करने की आदि संबंधी मांगें शामिल हैं। प्रभा पांडेय, पार्वती सिंह, नीरज यादव, शशी सिंह, कांति तिवारी, पूनम पांडेय, सीता सिंह, नन्दिनी, शिवकांती आदि मौजूद रहीं।
गौर प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी पर आशा संघ की ब्लॉक इकाई अध्यक्ष प्रिमिला गुप्ता, राज कुमारी के नेतृत्व में मांगों को लेकर प्रदर्शन व सरकार विरोधी नारे लगाए। इस मौके पर मनीषा, रंजना, मंजू पांडेय, माया, गीता, मालती, गंगोत्री आदि मौजूद रहीं।
सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार अध्यक्ष सुशीला चौधरी की नेतृत्व में मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। जिला संरक्षक फूलचंद चौधरी ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर अनीता पाण्डेय, विद्यावती देवी, रीता देवी, रूपा देवी, सुनीता देवी, सावित्री देवी, प्रेमा देवी, मीना देवी आदि मौजूद रहीं।