कुसौरा बाजार में डा.हैनीमैन जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण करते राज्यमंत्री रामकरन आर्य।
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बस्ती। सूबे के खेलकूद राज्यमंत्री रामकरन आर्य ने कहा कि डॉ हैनीमैन ने चिकित्सा की एक ऐसी विधा ईजाद की, जिसे होम्योपैथी नाम से जाना जाता है। जिसका मरीजों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है और रोग का समूल नाश हो जाता है। साथ ही इसकी दवाएं सस्ती रहती हैं। इसी कारण इसे गरीब पैथी भी कहा जा सकता है।
कुसौरा बाजार में सुमित्रा क्लीनिक एवं रिसर्च सेण्टर पर रविवार को आयोजित विश्व होम्योपैथिक दिवस पर राज्यमंत्री ने डॉ हैनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कार्यक्रम के आयोजक डॉ दीपक सिंह ने कहा कि होम्योपैथ को चिकित्सा के क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त है। इस क्षेत्र में और अधिक अनुसंधान की आवश्यकता है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख राना दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि होम्योपैथ सही मायने में गांव गरीब के जीवन रक्षा करने में सहायक है। कार्यक्रम का संचालन राष्टीय सचिव डॉ उपेंद्र मणि त्रिपाठी ने किया। इस बीच अली अहमद खां, कक्कू शुक्ल, प्रदीप सिंह, डॉ आरके त्रिपाठी, डॉ सौरभ श्रीवास्तव, डॉ संजय चौधरी और डॉ मुजम्मिल खां आदि चिकित्सक मौजूद रहे।
दवाएं बांटी गईं
डॉ हैनीमैन जयंती समारोह में चेचक से बचाव की जानकारी देने के साथ ही खसरा प्रतिरोधी दवाएं भी निशुल्क वितरित की र्गइं। इसके अलावा अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों की चिकित्सा की गई।