संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अब वह दिन गए जब लोग होली खेलने के लिए लोग फटे, पुराने, फेंक देने वाले कपड़े पहनकर रंग-गुलाल खेलते थे। इसकी जगह अब डिजाइनर कुर्ते-पायजामे, टी-शर्ट और जींस ने ले ली है। बदले ट्रेंड को देखते हुए बाजार ने भी तैयारी कर रखी है। शहर के मुख्य बाजारों में सूती सफेद और भगवा कुर्ते-पायजामे की रेंज उपलब्ध है। बच्चों के लिए अलग कपड़े, टोपी और मुखौटे की रेंज है। दुकानदार बताते हैं कि इस बार युवक-युवतियों में होली खेलने के कपड़ों को लेकर संजीदगी बढ़ गई है।
गांधीनगर, मंगल बाजार, पांडेय बाजार, पक्के बाजार, कटरा आदि में कई जगह पटरियों पर होली के फैशनेबल कपड़ों की दुकानें सज गई हैं। जहां भगवा कुर्ते, सफेद कुर्ते, बरमूडा, गमछे आदि बिक रहे हैं। जो सौ रुपये से पांच-छह सौ रुपये तक आसानी से मिल जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी में सफेद और सूती कपड़े आरामदायक होते हैं। खासकर होली पर सफेद कुर्ता-पायजामा चलन बन जाता है, लेकिन इस बार युवाओं का झुकाव भगवा कुर्ते की तरफ बढ़ गया है। मौसम का मिजाज भी बदलता जा रहा है, तो सूती कपड़ों की बिक्री बढ़ना लाजमी है। होली के दिन तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इसे देखते हुए भी सफेद और हल्के कपड़ों की तरफ लोगों की रुझान बढ़ी है।
कपड़ा व्यवसायी नए ट्रेड से खुश
- कपड़ा विक्रेता विनोद ने कहा कि होली में पहली बार सफेद कुर्ते की जगह भगवा रंग के कुर्ते की मांग अधिक है। पहले लोग होली पर सफेद कुर्ता और पायजामा ही लेते थे। इस साल 60 फीसदी से ज्यादा ग्राहक केवल भगवा खरीद रहे हैं। इसीलिए बाजार में भगवा छाया हुआ है। दूसरे दुकानदार प्रदीप गुप्ता कहते हैं कि युवा कुर्ते के साथ भगवा टी-शर्ट भी पसंद कर रहे हैं। हमने कुर्ता, टी-शर्ट, शर्ट के साथ कुर्ती भी रख रहे हैं। इस मामले में लड़कियां भी आगे हैं। ज्यादातर भगवा कुर्ती और लेगीस पसंद कर रही हैं। उन्हें क्रैकटाॅप भी पसंद आ रहे हैं। ये 500-1000 रुपये की रेंज में उपलब्ध हैं।
चलन में स्लोगन वाली टी-शर्ट
- ‘बुरा न मानो होली है’, ‘होली वाली सेल्फी’, ‘होली है’ आदि स्लोगन लिखे स्पेशल टीशर्ट की खासी मांग है। इसके साथ ही सेल्फी खींचने के लिए प्रॉप्स की खरीदी भी की जा रही है। लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए यह टी-शर्ट है। ये टी-शर्ट ऑनलाइन भी सस्ते दाम में होली ऑफर के साथ बाजार में उपलब्ध हैं।
आ गया गुलाल वाला सिलिंडर
- बाजार में होली के रंगों और गहरा करने वाला गुलाल सिलिंडर आया है, जो आग बुझाने वाले सिलिंडर की तरह है। दुकानदार बताते हैं कि यह गुलाल सिलिंडर हर्बल रंग का है। जो किलो के अनुसार बिक रहा है। पांच किलो हर्बल गुलाल वाले सिलिंडर की कीमत 1700 रुपये है। तो एक किलो का सिलिंडर 500 रुपये का है। वहीं आधा किलो वाले सिलिंडर की कीमत 250 से 300 रुपये तक है। सिलिंडर से गुलाल पानी की फुहार की तरह निकलता है। सिलिंडर को हाथ से कंट्रोल कर सकते हैं। इसके अलावा कलर स्प्रे की मांग अधिक है, जिसकी कीमत 120 से 500 रुपये तक है।
दुकानदार ने बताया, होली में विभिन्न फल की खुशबू वाले गुलाल बाजार में आए हैं। इसमें आम, संतरा, नींबू, अनार अन्य फलों की खुशबू वाले गुलाल शामिल हैं।
मुखौटे में लाइटिंग, कार्टून पिचकारियां
- बाजार में होली के लिए मुखौटे व पिचकारियों से दुकानें सजी हैं। चेहरे को कवर करने लोग आकर्षक मुखौटे व टोपी खरीद रहे हैं। दुकानदार विनीत ने बताया कि होली के लिए डरावने भूत-प्रेत व कार्टून वाले मुखौटे लोग पसंद कर रहे हैं। इसमें कपड़ा और रबर अलग-अलग वैरायटी के हैं। एक मुखौटे में लाइट भी है, जो कई रंगों में जलती हैं। इसकी कीमत कीमत 150 से 500 रुपये तक है। साथ ही मशीन गन, डोरीमोन, पंप, छोटा भीम कार्टून डिजाइन में पिचकारियां आई हैं। इनकी कीमत 80 से एक हजार रुपये तक है।