सुरक्षा में लापरवाही से लाल हो रहा हाईवे
बस्ती। हाईवे पर कप्तानगंज के गड़हा गौतम के निकट हुई दुर्घटना से तीन परिवारों में कोहराम मच गया। नीलगाय अथवा छुट्टा पशु के चलते यह पहली घटना नहीं है। यहां तीन माह में चार लोगों की मौत हाईवे पर नीलगाय के चलते हो गई है। 26 अगस्त को नीलगाय से टकराने के कारण मुख्यमंत्री के ओएसडी मोतीलाल की मौत हुई थी। वहीं, अभी दस रोज पहले हाईवे पर छावनी टोल प्लाजा के निकट सत्तारुढ़ दल के विधायक जय प्रकाश निषाद की गाड़ी भी छुट्टा पशु से टकरा गई। पशुओं के चलते आए दिन हादसों से सड़क का रंग लाल हो रहा है।
शनिवार को तड़के तीन बजे हुई इस दुर्घटना के बाद इलाके के लोग सन्न रह गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मची थी। कार में फंसे लोग बचाने के लिए गुहार लगा रहे थे। लोगों को निकालने के प्रयास में ग्रामीण जुटे थे।
खासी मशक्कत के बाद जब घायलों को बाहर निकाला गया तो चालक धीरज सिंह की मौत हो चुकी थी, जबकि दो के सिर व शरीर के अन्य भाग में गंभीर चोटें आई थीं। चार लोग चोट के चलते कराह रहे थे।
दुर्घटना की जानकारी होते ही मौके पर एनएचआई व पुलिस की टीम भी पहुंच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चालक को चिकित्सक ने मृत घोषित किया। उसके बाद बाकी को रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचे दिलीप कुशवाहा, सोनू चौधरी ने भी दम तोड़ दिया। चार घायलों को भर्ती कराया गया है।
करीब दस बजे धीरज सिंह के परिवार के लोग कप्तानगंज स्थित सीएचसी पहुंचे। धीरज का शव देखते हुए परिवार के लोग दहाड़े मारने लगे। यहां का माहौल गमगीन हो गया।
डीएम ने जाली लगाने के दिए थे निर्देश
डीएम प्रियंका निरंजन ने हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए एनएचआई को दोनो ओर जाली लगवाने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश का अब तक पालन नहीं हो सका है।