हादसे के 30 साल बाद चालक को दो साल की कैद
बस्ती। सीजेएम तारकेश्वरी सिंह की अदालत ने वर्ष 1992 के हुए सड़क हादसे के मामले में शनिवार को फैसला सुनाया। जीप चालक को दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
संयुक्त निदेशक अभियोजन रमेंद्र मोहन मिश्रा के नेतृत्व में अभियोजन अधिकारी सुधीर स्वरूप व संजय शुक्ला ने अदालत को अवगत कराया कि मामला नगर थानाक्षेत्र के कस्बे का है। शिकायतकर्ता मोहम्मद इस्लाम फुटपाथ पर कपड़े की दुकान करते थे। 11 मई 1992 को दोपहर में चालक विश्राम लापरवाही पूर्वक तेज रफ्तार से जीप चलाता हुए शिकायतकर्ता के आठ वर्षीय बेटे कमरे आलम को कुचलता हुआ कलवारी की तरफ भागा।
बच्चे को सदर अस्पताल बस्ती ले जाया जा रहा था। रोडवेज बस अड्डे के पास पहुंचते ही उसकी मृत्यु हो गई। इसी दिन हादसे का मुकदमा नगर थाने में दर्ज हुआ। पुलिस ने अदालत में वाहन चालक विश्राम के विरुद्ध 13 अगस्त 1992 को आरोप पत्र प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर मामले आरोपी को दो वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।