- सड़क के ऊपर से गुजर रहे तारों के नीचे भी नहीं लगाई गई है गार्डिंग
- पानी टंकी, काली मंदिर, गांधीनगर, मंगलबाजार की स्थिति चिंताजनक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर में बिजली तार मौत बनकर लटक रहे हैं। लेकिन इन्हें टाइट नहीं कराया जा रहा है। तमाम जगहों पर हाईटेंशन तार सड़के बीच से क्रॉस हो रहे हैं। इसके बावजूद तारों की गार्डिंग (रक्षक पट्टी) नहीं लगाई गई है। शहर के कंपनीबाग, फव्वारा चौराहा, कालीमंदिर आदि जगहों पर स्थिति चिंताजनक है। पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्टेशन रोड, दक्षिण दरवाजा, मंगलबाजार आदि जगहों पर तार झूलते हुए दिखे।
जिनके नीचे गार्डिंग भी नहीं की गई है। यह गर्मी के मौसम में तेज हवा चलने पर आग का कारण भी बनते हैं। तार ढीले होने के कारण हवाओं से स्पार्किंग होती है और आगजनी की घटनाओं में इजाफा होता है। विद्युत निगम आपूर्ति संसाधनों की स्थापना के पैटर्न में बदला नहीं किया है। वही पुराने फार्मेट पर खंभा लगातार तार दौड़ा दिया जाता है। जबकि पिछले एक दशक में शहर की बसावट सघन हो चुकी है। ऐसे में मुख्य शहर में जगह के अभाव में अतिरिक्त खंभे स्थापित करने की जगह नहीं बची है तो एक ही खंभे पर दो तरह के वोल्टेज वाली लाइनें दौड़ा दी गई हैं। कंपनी बाग, गांधीनगर, रोडवेज, पचपेड़िया रोड, सब्जी मंडी, स्टेडियम, कचहरी, मंगलबाजार, स्टेशन रोड आदि जगहों पर एक ही खंभे पर ऊपर 11 केवी लाइन और नीचे से एलटी लाइन के तार लगाकर आपूर्ति दी जा रही है। जिसे कंपोजिट लाइन कहा जाता है।
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गार्डिंग न होने से हर समय बना रहता है खतरा
- खंभे तक मुख्य लाइन के तारों के नीचे एक और तारों का जाल लगाया जाता है। यह मुख्य लाइन के तारों को सुरक्षा प्रदान करता है। ऐसे में यदि तार टूटते हैं तो वह नीचे नहीं गिरते बल्कि गार्डिंग में फंस जाते हैं। जिससे हादसा होने की गुंजाइश कम हो जाती है। शहर में लाइनों पर गार्डिंग न होने से हर समय खतरा बना रहता है।
वर्जन-
- तारों को बदलकर एबी केबल लगाने का कार्य शहरभर में चल रहा है। जल्द ही शहर नंगे तारों से मुक्त हो जाएगा। हाईटेंशन लाइन का भी कार्य चल रहा है।
मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय।