बस्ती। जिला विकास योजना की बैठक मंगलवार को प्रभारी मंत्री महबूब अली की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में हुई। इसमें जिला विकास योजना के लिए चार अरब 10 करोड़ का बजट सदस्यों ने चर्चा करने के बाद अनुमोदित कर दिया। इसमें सर्वाधिक आवंटन मनरेगा के लिए एक अरब सोलह करोड़ बावन लाख रुपये किया गया है। इसके पीछे ग्रामीण मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मुहैया कराने के साथ ही आधारभूत संरचना मसलन सड़क, नाली, खड़ंजा आदि का विस्तार करना है।
इसके पूर्व बैठक शुरू होने के बाद पिछली बैठक की कार्यवाही पर चर्चा हुई। पेयजल योजना पर चर्चा के दौरान जल निगम के अधिशाषी अभियंता की गैर मौजूदगी पर सदस्यों ने आपत्ति जताई तो मंत्री ने डीएम से उनके बारे में जानकारी ली। पता चला कि वह बिना डीएम को सूचना दिए जिले से बाहर हैं।
ऐसे में प्रभारी मंत्री महबूब अली ने उनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। पिछली बैठक में लिए गए कुछ निर्णयों पर अमल न होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों और सदस्यों ने जनहित से जुड़े कई सवालों पर चर्चा की।
इसके बाद जिला विकास योजना के लिए प्रस्तुत बजट पर चर्चा शुरू हुई। प्रदेश के रेशम और वस्त्रोद्योग मंत्री महबूब अली ने कहा कि अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि विकास योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्तापरक और पारदर्शी तरीके से हो।
निर्धारित समय पर परियोजनाएं पूरी कर उनका संचालन किया जाए। विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने भी अधिकारियों को बेहतर ढंग से काम करने की नसीहत दी। इस मौके पर डीएम नरेंद्र सिंह पटेल, एसपी कृपाशंकर सिंह, सीडीओ सोबरन सिंह, डीडीओ दुर्गादत्त शुक्ल, पीडी डीआरडीए डीपी सिंह, सीएमओ डॉ. जेपी सिंह, डीपीओ मनोज कुमार, जिला प्रोवेशन अधिकारी दिलीप कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विकास, सहायक अभियंता डीआरडीए प्रदीप सिंह, राज्य मंत्री रामकरन के प्रतिनिधि संतराम, सपा जिलाध्यक्ष राजकपूर यादव, गुलाब सोनकर, ब्रह्मदेव यादव देवा, फूलचंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।