जिला अस्पताल में अभिलेखों की जांच करते सीएमओ डाॅ.आरपी मिश्रा।
बस्ती। गर्मी ने अब आफत का रुख अख्तियार कर लिया है। अस्पतालों में तेज बुखार व उल्टी-दस्त के मरीजों की लाइन है। हालांकि इसे प्रशासन हीट स्ट्रोक नहीं मान रहा, मगर चिकित्सक इसे हीट स्ट्रोक के ही लक्षण बता रहे हैं। जिला प्रशासन ने बलिया व देवरिया में मौतों की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग को सचेत कर दिया है। डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने जिला अस्पताल, ओपेक अस्पताल कैली सहित अन्य सीएचसी का निरीक्षण किया। हीट वेव को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया। अस्पतालों में जिंक व ओआरएस कार्नर संचालित करने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने सबसे पहले जिला अस्पताल की इमरजेंसी का निरीक्षण किया। गर्मी से बचाव के लिए वहां बड़ा कूलर लगाया गया है। मेडिकल वार्ड में भी तीन कूलर लगाए गए हैं। अस्पताल में हीट वेव का कोई मरीज भर्ती नहीं है। बर्न वार्ड में दो एसी लगाए गए हैं। रैन बसेरा में बड़ा कूलर लगा है और वहां तीमारदार रह रहे हैं। सफाई की व्यवस्था ठीक पाई गई।
इसके बाद सीएमओ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक हास्पिटल कैली पहुंचे। यहां व्यवस्था ठीक नजर आई। सीएमओ ने अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में पंखा, कूलर लगवाने तथा हीट वेव से बचाव की व्यवस्था कराए जाने का निर्देश दिया। इसके बाद सीएमओ ने सीएचसी रुधौली की व्यवस्था देखी। इमरजेंसी में डॉ. संजय मरीजों को देख रहे थे।
दूसरी ओर डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह ने सीएचसी परशुरामपुर व विक्रमजोत का निरीक्षण किया। परशुरामपुर में वार्ड में कूलर लगाया गया है तथा जिंक, ओआरएस कार्नर बनाया गया है। हीट वेव के मरीजों के लिए अलग से एक वार्ड बनाया गया है। विक्रमजोत में कूलर लगवाया जा रहा था। जिंक, ओआरएस कार्नर संचालित है। डिप्टी सीएमओ एएन त्रिगुण ने सीएचसी साऊंघाट व मुंडेरवा का निरीक्षण किया। वहां पर ठंडे पानी, ओआरएस आदि की व्यवस्था थी। उन्होंने अस्पताल स्टॉफ को निर्देशित किया कि हीट वेव के मरीजों के मामले में लापरवाही न की जाए। ठंडे पानी व ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था निरंतर बनाए रखें।
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