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बस्ती अपहरण मामला: अमरमणि से अलग पांच आरोपियों का चल रहा केस, सुनवाई टली; अब हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

Sat, 04 Nov 2023 05:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।

सार

अपहरण कांड में ट्रायल में लगी फाइल में शामिल पांचों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा है कि पुलिस ने जो चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है उसमें उन पर अपहरण का आरोप साबित नहीं होता है। उनके कब्जे से न तो अपहृत की बरामदगी हुई थी न ही उनके किसी संसाधन का अपहरण में इस्तेमाल हुआ है।
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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी। (फाइल) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी से जुड़े व्यापारी के बेटे राहुल के अपहरण कांड का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। आरोपियों की तरफ से एक रिट याचिका दाखिल की गई है, जिसमें एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय के डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र को खारिज करने के छह सितंबर के आदेश को चुनौती दी गई है। याचिका में दलील दी गई है कि पुलिस के आरोपपत्र में उनमें से किसी पर अपहरण से संबंधित साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए निचली अदालत में उनके खिलाफ केस में चार्ज फिक्स करना सही नहीं है।

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शुक्रवार को केस की सुनवाई के दौरान आरोपियों की तरफ से उच्च न्यायालय में रिट दाखिल करने की सूचना देते हुए याचिका के निस्तारण तक मोहलत की अर्जी दी गई। ऐसे में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय / विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने पांच दिन की मोहलत देते हुए अगली सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तारीख तय की है।

बता दें कि छह दिसंबर 2001 को शहर के व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल के अपहरण मामले में सात आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें हनुमान शुक्ला उर्फ काका, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, राम विलास, जग प्रताप वर्मा, नैनीश शर्मा, शिवम आरोपी बनाए गए। तफ्तीश के दौरान पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का नाम भी केस में जोड़ा गया।
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पुलिस ने संदीप, हनुमान, अजय, आनंद, राम विलास, जग प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। इनको कोर्ट में पेश कर आरोप तय कर दिए। सभी का ट्रायल शुरू हो गया, लेकिन नैनीश, शिवम और अमरमणि एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। तीनों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई।

कुछ दिन बाद मुख्य आरोपी संदीप की मौत हो गई। इसके बाद न्यायालय में हाजिर हो चुके राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, जग प्रसाद व हनुमान शुक्ला ने केस में अपनी फाइल अलग करवा ली। इस तरह से दो फाइल तैयार हुई। एक फाइल में राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह और जग प्रसाद तथा हनुमान शुक्ला हैं। दूसरी फाइल में फरार चल रहे अमरमणि, नैनीश और शिवम का नाम है। इस वजह से पांच आरोपियों की फाइल में ट्रायल चल रहा है।

मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए न्यायालय में पांचों आरोपियों पर चार्ज फिक्स करने की कार्रवाई चल रही थी। इस पर छह सितंबर को आरोपियों की तरफ से डिस्चार्ज करने का प्रार्थनापत्र दिया था, जिसे न्यायालय ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पुलिस की चार्जशीट में उन पर मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य और आधार हैं। सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख तय की गई थी।

 
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इस आधार पर डिस्चार्ज करने का दे रहे प्रार्थनापत्र

अपहरण कांड में ट्रायल में लगी फाइल में शामिल पांचों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा है कि पुलिस ने जो चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है उसमें उन पर अपहरण का आरोप साबित नहीं होता है। उनके कब्जे से न तो अपहृत की बरामदगी हुई थी न ही उनके किसी संसाधन का अपहरण में इस्तेमाल हुआ है। उनकी दलील को नकारते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने डिस्चार्ज आवेदन खारिज करते हुए चार्ज फिक्स करने के लिए तीन नवंबर की तारीख तय की थी। इससे पहले 12 अक्तूबर को आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में डिस्चार्ज आवेदन खारिज करने के आदेश को चुनौती देते हुए रिट दाखिल कर दिया।
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