बस्ती। जेल भेजे गए निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल की जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। पीड़िता की तरफ से प्राइवेट अधिवक्ता ने न्यायालय में पेश होकर सुनवाई के लिए एक दिन की मोहलत मांगी। इस पर जनपद न्यायाधीश ने बुधवार को फिर से सुनवाई की तारीख तय की है।
इससे पहले तीन बार सुनवाई की तिथि पर कंडोलेंस होने की वजह से जमानत अर्जी पर सुनवाई टलती रही। महिला अधिकारी से दुष्कर्म की कोशिश, हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर 27 नवंबर को नायब तहसीलदार को जेल भेजा था। सीजेएम न्यायालय से 28 नवंबर को जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। 16 नवंबर को तहसील में तैनात एक महिला राजस्व अधिकारी ने तहरीर देकर तत्कालीन नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल पर 11-12 नवंबर की रात सरकारी आवास में जबरदस्ती घुसकर दुष्कर्म की कोशिश, गला दबाकर हत्या का प्रयास, मारपीट, अपशब्द कहने का आरोप लगाया था। संवाद