23 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलाया जाएगा अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इसमें टीबी रोगियों की तलाश की जाएगी। जिले की 20 प्रतिशत आबादी में टीबी के मरीज तलाश करने के लिए बृहस्पतिवार से पांच दिसंबर तक अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने उसके लिए टीम गठित कर दी गई है। यह सब तय हुआ एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में बुधवार को जनपद स्तरीय टीबी फोरम एवं अंतर विभागीय बैठक में।
सीएमओ डॉ. रमाशंकर दूबे ने बताया कि इस वर्ष टीबी के 6049 रोगी निक्षय पोर्टल पर दर्ज हैं। इनका उपचार भी चल रहा है। फिर भी काफी मरीज अब भी जागरूकता के अभाव में स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं कर रहे हैं और अपनी बीमारी को छिपाने का प्रयास करते हैं। ऐसे रोगियों की तलाश के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाने की तैयारी पूरी कर ली है।
अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय, कारागार, चिह्नित समूहों, ईंट-भट्ठे, साप्ताहिक बाजार, हाई रिस्क क्षेत्र आदि में क्षय रोगियों की तलाश स्वास्थ्य कर्मी करेंगे। अभियान में जिले की जनसंख्या की 20 प्रतिशत हाई रिस्क वाली आबादी में मरीजों को तलाश कर उनका उपचार किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि क्षय उन्मूलन के लिए लंबे समय से काम किया जा रहा। शिक्षण संस्थाओं, सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को जागरूक किया जाता है। धर्म गुरुओं से लोगों को टीबी होने पर दवा खाने के लिए अपील कराई जाती है। सबसे बड़ी समस्या भ्रांतियां के चलते जागरूकता का अभाव है। अब भी बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं जो टीबी के बारे में खुलकर बात नहीं करते हैं और दूसरों को भी संक्रमित कर देते हैं। हालांकि धीरे-धीरे लोगों के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है।
उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एएन त्रिगुन ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए 226 टीमे गठित की गईं हैं। इनका सहयोगात्मक पर्यवेक्षण 56 सुपरवाइजर करेंगे। टीम घर-घर जाकर लक्षणों के आधार पर टीबी मरीजों की पहचान करेंगी। इसके बाद मरीजों की जांच की जाएगी। जांच में टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीज का उपचार किया जाएगा।