बस्ती। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेश) कार्यक्रम-2023 का शुभारंभ डीएम प्रियंका निरंजन ने किया। श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डीएम ने खुद दवा खाई और खिलाई। अधिकारियों- कर्मचारियों, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य नागरिकों को फाइलेरिया नियंत्रण का संकल्प दिलाया।
डीएम ने फाइलेरिया रोग से पीड़ित रामसागर शुक्ला, नागेंद्र प्रसाद, श्रीप्रकाश मिश्रा तथा सरला देवी को एमएमडीपी किट वितरित किया। उन्होंने बताया कि अभियान में स्वास्थ्य विभाग की 2305 टीमें लगाई गई है, जो 11 बजे से घर-घर जाएंगी तथा अपने सामने दवा खिलाएंगी। खाली पेट दवा नहीं खानी है। परिवार के बचे हुए सदस्यों के लिए दवा का वितरण नहीं किया जाएगा। दोबारा भ्रमण करके बचे हुए लाभार्थी को दवा खिलाया जाएगा। छूटे हुए व्यक्ति स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर दवा खा सकेंगें।
डीएम ने कहा कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर दवा अवश्य खाएं। कोई भी लाभार्थी दवा से छूटना नहीं चाहिए, क्योंकि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है।
इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि कप्तानगंज गुलाब चन्द्र सोनकर, डीआईओएस जगदीश शुक्ला, मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी, डाॅ. अजीत कुमार कुशवाहॉ, श्रीकृष्ण पाण्डेय इंटर कालेज के प्रबंधक अजय कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्य योगेश कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
-
फालेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। संक्रमित मच्छर के काटने के 10-15 वर्षो के पश्चात यह हाथ, पैर, स्तन या अंडकोश के सूजन (हाइड्रोसील) पेशाब में सफेद रंग के द्रव का स्राव (काइल्यूरिया) लंबे समय से सूखी खांसी आना (ट्रोपिकल स्नोफीलिया) आदि के रूप में दिखाई देता है। फाइलेरिया रोग (हाथी पांव) एक लाइलाज बीमारी है। इस बीमारी से बचाव के लिए फाइलेरिया रोधी औषधि का सेवन ही एकमात्र उपाय है।
-डाॅ. आरपी मिश्रा, सीएमओ