बस्ती। बारिश, तेज धूप और उमस भरी गर्मी बच्चों और हृदय रोगियों की सेहत बिगाड़ रही है। बच्चों में तेज बुखार के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। पीलिया के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके श्रीवास्तव ने बताया कि इमरजेंसी में 20 से 25 फीसदी मरीज पीलिया और 10 से 15 फीसदी मरीज हाईग्रेड फीवर के भर्ती हो रहे हैं। स्थिति यह है कि बाल रोग विभाग का में भीड़ बढ़ गई है।
डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि बदलते मौसम में बड़ों को भी आंख में एलर्जी और रक्तचाप में उतार-चढ़ाव के चलते दिक्कत आ रही है। बताया कि इस बार पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा तेज बुखार भी बच्चों में देखने को मिल रहा है, लेकिन इन मरीजों को चार से पांच दिनों तक भर्ती करना पड़ रहा है। पीलिया की सबसे बड़ी वजह दूषित पानी और खानपान है।
जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि गर्मी में आंखों की एलर्जी की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
हृदय के मरीजों के लिए खतरनाक है हाइपोनाट्रेमिया
मेडिसिन विभाग के डॉ. अंकित चतुर्वेदी ने बताया कि उमस भरी गर्मी में हृदय के मरीजों को हाइपोनाट्रेमिया का खतरा बढ़ गया है। हर दिन 10 से 12 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें से पांच से सात प्रतिशत मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होता रहता है, जिसकी वजह से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। मरीजों को सलाह दी जा रही है कि खूब पानी पीएं। क्योंकि डिहाइड्रेशन हृदय रोगियों के लिए खतरनाक है।