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फाइलेरिया का इलाज नहीं, बचाव ही सबसे उपयुक्त : एडी हेल्थ

Tue, 08 Aug 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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जिला महिला अस्पताल में सीडीओ डा.राजेश कुमार प्रजापति ने मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का  फीटा काट क
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बस्ती। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. नीरज पांडेय ने कहा कि फाइलेरिया रोग एक बार हो जाने पर इसका इलाज संभव नहीं है। इस रोग से बचाव ही सबसे ज्यादा उपयुक्त है। बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर साल मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लाभार्थियों को फाइलेरियारोधी दवा खिलाते हैं। इस साल यह कार्यक्रम 10 से 28 अगस्त तक चलेगा।
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एडी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सोमवार को एक होटल के सभागार में संवेदीकरण कार्यशाला में बोल रहे थे। एडी हेल्थ ने कहा कि एमडीए अभियान की सफलता के लिए लोगों का रोग की गंभीरता व दवा खाने से होने वाले फायदे के प्रति जागरूक होना जरूरी है। लोगों तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि बीमारी से बचाव के लिए पांच साल में सिर्फ पांच बार दवा का सेवन करना है। जो लोग स्वस्थ हैं उन्हें इस दवा का सेवन अवश्य करना है । केवल अति गंभीर बीमार लोग इस दवा का सेवन नहीं करेंगे । बीपी, शुगर, थायरायड के मरीज अति गंभीर की श्रेणी में नहीं आते हैं ।
सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा ने कहा कि फाइलेरिया रोग के समूल उन्मूलन के लिए सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाए। दवा का सेवन दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को करना है । एक से दो वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई जाएगी । गर्भवती, अति गंभीर बीमार और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा नहीं दी जाएगी ।
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आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सभी चिकित्सकों का दायित्व है कि वह इलाज के साथ लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए भी जागरूक करें।
इस मौके पर धर्मगुरू पंडित सरोज मिश्रा ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है कि बीमारियों से बचाव किया जाए। पोलियो और कोरोना की तरह देश से फाइलेरिया को समाप्त करने के लिए सभी लोग दवा जरूर खाएं। एमएलसी प्रतिनिधि जगदीश प्रसाद शुक्ला ने कहा कि एमडीए को जनांदोलन का रूप दिया जाएगा ताकि जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके ।
पाथ संस्था की प्रतिनिधि डॉ सुचेता शर्मा ने अभियान में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया। कहा कि इस रोग से कोई मरता तो नहीं है, लेकिन यह जीवन को बोझ बना देता है ।
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जिले में फाइलेरिया की स्थिति

कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला मलेरिया अधिकारी आइए अंसारी ने बताया कि वर्ष 2023 में 10 मरीज मिले हैं। जिले में हाथी पांव के कुल 809 मरीज हैं। इन मरीजों को मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट के तहत सहायता प्रदान की गई है। 447 हाईड्रोसील वाले मरीज हैं, जिसमें से 308 का ऑपरेशन हो चुका है।
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28.80 लाख लोगों को खिलाएंगे दवा

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजेश चौधरी ने बताया कि 28.80 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। 2305 टीम तैयार की गई है।
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