हर्रैया। लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले में कहानियां और कॅरिअर विषय पर आयोजित विशेष साहित्यिक संवाद में युवा लेखक गौरव कुमार निगम ने लेखन की चुनौतियों, अपराध-कथा की संभावनाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के दौर में लेखक की बदलती भूमिका पर विचार साझा किए। उनके नवीनतम अपराध कथा उपन्यास स्कैंडल इन लखनऊ के संदर्भ में लखनऊ के विविध सामाजिक और सांस्कृतिक पक्षों पर भी चर्चा हुई।
कस्बे के गांधीनगर वार्ड मोहल्ले के रहने वाले लेखक और ब्रांड रणनीतिकार गौरव कुमार निगम ने संवाद के दौरान अपनी लेखकीय यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका लेखन गहरे पठन-अनुभव का विस्तार है। उनकी कहानी पतंग और पुरियां को प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से पुरस्कृत किया जा चुका है। नए लेखकों के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लेखन के प्रति प्रतिबद्धता को जरूरी बताया।