अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए शुरू हुई है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के 14 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के दिन बहुरने वाले हैं। दो साल के इंतजार के बाद शासन ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पहली किस्त 1.60 करोड़ रुपये जारी कर दी है। बजट मिलने के बाद संस्कृत स्कूलों को स्मार्ट बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
शासन ने वर्ष 2022-23 में अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की थी। इसके तहत 50 साल से अधिक समय से अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत स्कूलों को 95 फीसदी अनुदान शासन को देना है। जबकि पांच फीसदी धनराशि प्रबंध तंत्र खर्च करेगा। योजना के तहत पठन-पाठन में बेहतर माहौल देने के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था, विद्यालयों मे बेहतर पेयजल, वाटर कूलर की स्थापना, बहुउद्देश्यीय हाॅल व कक्ष, अच्छे शौचालय, प्रयोगशाला, खेल मैदान, बैडमिंटन व वालीबॉल कोर्ट की स्थापना, चहारदीवारी, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, रेनवाटर आदि संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के 14 संस्कृत स्कूलों के लिए शासन ने 3.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। पहली किस्त के तौर पर 40 प्रतिशत धनराशि जारी की गई है। इसमें श्री विन्ध्येश्वरी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय भिउरा, वाल्टरगंज,संस्कृत माध्यमिक विद्यालय तरेता सोनौरा, माध्यमिक संस्कृत विद्यालय सोनहा, श्री सनातन धर्म संस्कृत माध्यमिक विद्यालय हर्रैया खोरिया ,विद्याधर्म वर्धिनी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय बभनान, राजा भूपेंद्र प्रताप नारायण सिंह संस्कृत विद्यालय महाराजगंज शामिल हैं।
इसके अलावा संस्कृत माध्यमिक विद्यालय विष्णुपुर कप्तानगंज, संस्कृत माध्यमिक विद्यालय थान्हाखास हरैया,श्री विश्राम संस्कृत माध्यमिक विद्यालय बखरिया रौतापार, गणेश संस्कृत पाठशाला दक्षिण दरवाजा, श्री राम शरण जनता जनार्दन संस्कृत माध्यमिक विद्यालय रुधौली ,सरजू प्रसाद रा०द० संस्कृत माध्यमिक विद्यालय कठारजंगल, विजय प्रताप संस्कृत विद्यालय महसों, श्री संस्कृत उमा विद्यालय मखक्षेत्र मखोड़ा को बजट का 40 प्रतिशत जारी किए गए हैं। अब इन स्कूलों में कार्यदायी संस्था कार्य शुरू करेगी ।
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स्कूलों में भेजी जा रही धनराशि
डीआईओाएस जगदीश प्रसाद शुक्ल ने बताया कि संस्कृत विद्यालयों को प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत कायाकल्प के लिए 14 संस्कृत विद्यालयों का चयन हुआ है। पहली किस्त जारी होने के बाद स्कूलों को यह धनराशि भेजी जा रही है। इससे संस्कृत स्कूलों का कायाकल्प कराया जाएगा।