बस्ती। क्षेत्रीय खेल कार्यालय के तत्वावधान में अमर शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में बृहस्पतिवार को राज्यस्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता का आगाज हुआ। पहले दिन विभिन्न मंडलों की 16 टीमें मैदान में उतरी। इनके बीच आठ मैच खेले गए। प्रत्येक मैच में रोमांचक मुकाबला रहा। बेटियों ने हैंडबॉल खेल में अपना जलवा दिखाया। हर गोल पर स्टेडियम करतल ध्वनि से गूंजता रहा। पहले मुकाबले में बस्ती ने अलीगढ़ को 14-7 से शिकस्त दी।
पहला मुकाबला बस्ती मंडल और अलीगढ़ मंडल के बीच शुरू हुआ। लीक कम नॉक आउट पैटर्न पर आयोजित इस प्रतियोगिता का पहला मुकाबला ही रोमांचक बन गया। बस्ती और अलीगढ़ की टीम मैदान में उतरी दर्शक दीर्घा से तालिया बजने लगी।
बस्ती की टीम सक्रियता खेलते हुए ताबड़तोड़ तीन गोल किया। इसके बाद जवाब में अलीगढ़ की टीम एक गोल कर पाई। खेल आगे बढ़ा तो अलीगढ़ की टीम शिकस्त देने के लिए हर संभव कोशिश की। लेकिन बस्ती की टीम अंत तक तक भारी रही।
बस्ती टीम ने 14- 07 के अंतर से मैच अपनी झोली में कर लिया। बस्ती टीम की खिलाड़ी कनीज फातिमा 03 गोल, कु. स्मिता ने 02, साधना भाष्कर 04 तथा नंदनी चौधरी गोलकीपर गोल कर अपनी टीम को विजय दिलाई। दूसरा मैच आजमगढ़ मंडल बनाम देवी पाटन मंडल के बीच खेला गया जिसमे आजमगढ़ मंडल ने 13-03 गोल के बड़े अंतर से जीत हासिल की। तीसरा मैच बनारस मंडल बनाम गोरखपुर मंडल के बीच खेला गया।
बनारस की टीम ने 12- 08 गोल के अंतर से जीत दर्ज कराई। चौथा मैच प्रयागराज मंडल और कानपुर मंडल के बीच खेला गया। इसमें प्रयागराज की टीम ने 10-01 गोल के अंतर जीत हासिल की। 5 वां मैच मिर्जापुर और आगरा मंडल के बीच हुआ।
इसमें मिर्जापुर की टीम ने 11-05 गोल के अंतर से आगरा की टीम को शिकस्त दी। छठवां मैच झांसी बनाम बरेली मंडल के बीच हुआ। झांसी की टीम ने एक भी गोल करने का मौका बरेली की टीम को नहीं दिया। अंत में 13-0 गोल के अंतर से झांसी की टीम ने यह मैच अपने झोली में कर ली।
सातवां मैच अयोध्या और लखनऊ मंडल के बीच खेला गया। अयोध्या ने सर्वाधिक गोल दागे। जबकि प्रतिद्वंदी केवल चार गोल कर सकी। 21-04 के अंतर से अयोध्या टीम को विजय मिली। आठवां मैच मेरठ और सहारनपुर के बीच खेला गया। सहारनपुर की टीम 08-01 के अंतर से जीत हासिल की। पूरे दिन खेल प्रतियोगिता में बेटियों ने अपना जलवा दिखाया। निर्णायक मंडल में संजय सिंह, अतुल, मनीष, मयंक, अनुराग, सीमा, नीलम यादव एवं प्रतियोगिता निदेशक प्रमेंद्र सिंह निर्णायक की भूमिका में रहे।