दुबौलिया क्षेत्र में ओलावृष्टिष्ट के साथ हुई बारिश।
बस्ती। अयोध्या से सटे विक्रमजोत छावनी सहित जिले के पश्चिमी क्षेत्र में दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे अचानक तेज हवा के साथ ओले गिरने लगे। विक्रमजोत, दुबौलिया, हर्रैया के कुछ क्षेत्रों में करीब 20 मिनट तक ओले गिरते रहे। इसके कुछ देर बाद शहर के लगायत सोनहा, भानपुर, रुधौली, बनकटी, कुदरहा, कप्तानगंज आदि क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। मौसम के इस तेवर से मड़ाई के लिए खेत में काटकर छोड़ा गया गेहूं का बोझ भीग गया। हालांकि ओले गिरने और बारिश से तापमान पांच डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। ओले गिरने से आम और सब्जियों की फसल को कुछ नुकसान होने की संभावना है।
पिछले तीन-चार दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से लू का असर मंद पड़ गया था। बीच में शनिवार और रविवार को दिन-रात मिलाकर कई बार बादल बनते बिगड़ते रहे। मगर रविवार शाम को घने बादल छा गए। आंधी के साथ कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। सोमवार को सुबह भी धूप देर से निकली और तापमान कम होने से लोगों को हल्की सिहरन महसूस हुई। हालांकि नौ बजे के बाद फिर धूप ने अपना दामन फैला दिया था। शाम करीब साढे तीन बजे घने बादल छाने लगे।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार अचानक तेज ओले गिरने के साथ बारिश होने लगी। इसके 15 मिनट के बाद दुबौलिया प्रतिनिधि ने भी ओले गिरने के साथ बारिश की सूचना दी। वहां के अशोक पुर माझा, बरसांव आदि गांवों में 10 मिनट तक ओले गिरते रहे। जिससे कई जगह सफेदी छा गई। सोनहा, दुबौला क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी बारिश व ओले गिरने की सूचना दी है।
खत्म नहीं हुआ विक्षोभ का असर
- आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डाक्टर अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। मंगलवार को भी आसमान में बादल बनते-बिगड़ते रहेंगे। हालांकि बारिश की संभावना बेहद कम है। इस बीच अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।