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Basti News: हर साल नाला सफाई पर 11 लाख खर्च... नहीं बह रहा पानी

Tue, 25 Apr 2023 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। शहर का नाम आते ही चमचमाती सड़कें, व्यवस्थित जल निकासी समेत मूलभूत सुविधाओं से लैस इलाके की छवि मानस पटल पर अंकित हो जाती है। मगर, बस्ती शहर की स्थिति इससे विपरीत है। यहां मूलभूत सुविधाओं में शामिल जलनिकासी की व्यवस्था घिसट रही है। तभी तो हर साल शहर का गंदा पानी निकालने के लिए 11 लाख रुपये खर्च किया जाता है, मगर सफाई के चंद रोज बाद फिर से स्थिति जस की तस हो जाती है।
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सोमवार को टीम सबसे पहले पिकौरा बक्स मोहल्ले में पहुंची। यहां नाला का पानी ऊपर तक मिला, जबकि यहां के निवासी श्वेता के घर के आंगन में नाले का पानी भरा था। पूरा परिवार परेशान था, बताया कि पालिका के अधिकारियों तक कई अपनी समस्या पहुंचाई, मगर सुनने वाला कोई नहीं है।
यहां से निकलकर टीम मालवीय रोड के ब्राह्मण महासभा चौराहे पर पहुंची। यहां तो सड़क तक आटो मोबाइल, वाहन वाशिंग एजेंसी तथा अन्य दुकानदारों ने नालों पर स्थायी चौक बना दिया है। इसी मार्ग पर आगे भवन निर्माण सामग्री से नालों को ढक दिया गया है। इसके बाद टीम ने रोडवेज, दक्षिण दरवाजा, होते हुए ऊंचवा टोला पहुंची। यहां मनोज कुमार के घर के सामने नाले का पानी भरा था। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को अब तक तीन-चार आवेदन दे चुका हूं, मगर सफाई नहीं हो सकी है। ऐसे में घर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
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शहर में छोटे-मझोले व बड़े मिलाकर हैं 70 नाले
मालवीय मार्ग, गांधी नगर, पुरानी बस्ती सहित पूरे शहर में कुल 70 नाले हैं। इनकी लंबाई करीब 150 किमी है। इनकी सफाई पर हर वर्ष तकरीबन 11 से 12 लाख रुपये खर्च होते हैं।

संक्रामक माह में भी छिड़काव व फाॅगिंग नहीं
संक्रामक रोग माह चल रहा है। पालिका की जिम्मेदारी है कि वह छिड़काव व फाॅगिंग कराए। इस मद में पालिका हर दिन दस से पंद्रह हजार रुपये खर्च भी करती है, मगर छिटपुट स्थानों पर छिड़काव व फाॅगिंग कराकर खानापूरी कर ली जाती है।
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बोले डॉक्टर
महिला अस्पताल के डॉ. तैय्यब ने कहा कि गंदगी से इस मौसम में मच्छर पनपते हैं। संक्रामक रोगों का माह है। ऐसे में छिड़काव व फाॅगिंग जरूरी है। चूंकि इन दिनों गर्मी बढ़ गई है। नालों में पानी सड़ने से डायरिया व अन्य बीमारियां भी फैलती हैं। ऐसे में जरूरी है कि इससे स्वयं बचें। मच्छरदानी लगाकर ही सोएं। यदि बुखार आदि हो जाए तो तत्काल डॉक्टर से सलाह लें।
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नागरिकों ने गिनाईं दुश्वारियां
नालों का पानी घर के आंगन तक आ रहा है। तमाम बार पालिका के सफाई कर्मियों को बताया गया, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आंगन में नल व मोटर आदि भी लगा है। इसका पानी प्रयोग किया जाता है। -श्वेता, पिकौरा बक्स

नाला उफनाने से पिछले कई दिनों से घर के बाहर तक पानी भरा है। अब तो घर में पानी घुस रहा है। आने-जाने में दिक्कत हो रही है। सभासद से कई बार कहा मगर वह सुनते नहीं हैं। -मनोज कुमार ऊंचवा टोला, नरहरिया

मेरे घर तक नाला का पानी आ गया है। शहर में रहने का दर्द झेल रहे हैं। किसी अधिकारी को नागरिकों की चिंता नहीं है। पालिका के अधिकारी को बताया गया, मगर वहां भी आवेदन लेकर रख लिया गया है। -गुलाबी देवी, मिश्रौलिया बस्ती

आड़े-तिरछे नाले पर अतिक्रमण से बढ़ी समस्या : ईओ
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि शहर में नाला सफाई तो कराई जाती है, मगर इसका निर्माण आड़ा तिरछा हुआ है। यही नहीं कई स्थानों पर लोगों ने नाला पर स्थायी कब्जा कर लिया है। इसका सर्वे कराया जा रहा है। नाला से पानी निकलने की व्यवस्था चुनाव बाद करा दी जाएगी। नालों की तल से सफाई करा कर जहां इसका निर्माण ठीक नहीं है उसे व्यवस्थित करा दिया जाएगा। छिड़काव व फाॅगिंग का साप्ताहिक प्लान तैयार कर लिया गया है। इसका क्रियान्वयन शुरू करा दिया जाएगा। नाला सफाई के लिए भी टीम बनाई गई है। इसी सप्ताह से इस पर काम शुरू होगा।
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