संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आपत्तिजनक वीडियो डिलीट करने के झगड़े में हुई मोहित यादव की हत्या से पुलिस ने सबक लिया होता तो सोमवार को 10वीं के छात्र की खुदकुशी की नौबत ही नहीं आती। फर्क सिर्फ इतना है कि मोहित यादव केस में मोहित पर वीडियो बनाने का आरोप है।
जबकि इसमें आरोपियों ने किशोर का वीडियो बनाया था। पुलिस पर इसी वजह से सवाल उठ रहे हैं कि यदि मामला पता चल गया था कि कोई वीडियो बना है तो उसे डिलीट कराने में रुचि क्यों नहीं दिखाई।
बताया जा रहा है कि किशोर का गांव की किसी लड़की से प्रेम संबंध था। 20 दिसंबर की रात उसने जन्मदिन पर उसे बुलाया था। रात करीब 8:30 बजे वह लौटकर मामा के घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि देर रात उसे मोबाइल पर फोन कर फिर बुलाया गया।
जब वहां वह पहुंचा तो सबने मिलकर उसके कपड़े उतार दिए। आरोप है कि पिटाई के बाद आपत्तिजनक हरकत की गई और चेहरे पर पेशाब किया गया।
घर जाकर उसने सारी बात बताई तो थाने पर तहरीर दी गई। बताया जा रहा है कि बीट के सिपाही ने समझा-बुझाकर मामला रफादफा करा दिया। किशोर ने आरोपियों से वह वीडियो डिलीट करने के लिए कहा तो उसे थूककर चटाया गया।
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