कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कप्तानगंज की छात्राओं ने किया प्रदर्शन।
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कप्तानगंज। शैक्षिक भ्रमण के लिए लगातार तीन दिन से तैयार हो रही छात्राओं को साधन नहीं उपलब्ध कराया जा सका। इससे शनिवार को सभी का धैर्य जवाब दे गया। गुस्साईं छात्राओं ने बीआरसी का घेराव कर नारेबाजी की।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कप्तानगंज की छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण पर बृहस्पतिवार को ही लुंबिनी जाना था। बगैर नाश्ता सुबह से ही सभी छात्राएं तैयार होकर बस का इंतजार करने लगीं, देर शाम तक बस नहीं पहुंची। कुछ ऐसा ही शुक्रवार को भी हुआ। शनिवार को तीसरे दिन भी तैयार होकर छात्राएं बस का इंतजार करने लगीं लेकिन जब पूर्वाह्न 11 बजे तक बस नहीं पहुंची तो उग्र हो गईं। सभी ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पहुंच गईं। जहां शिक्षा विभाग के अधिकारी बैठक कर रहे थे। छात्राओं ने बीआरसी पर नारेबाजी कर विरोध जताया। बताया कि शैक्षिक भ्रमण के नाम पर तीन दिन से वह सुबह तैयार हो जाती हैं। उन्हें यह बताया जाता है कि भ्रमण पर ही नाश्ता और भोजन का इंतजाम होगा। इसे तीन दिनों से उन्हें केवल शाम का भोजन मिलता है। कहा कि अब यह बर्दाश्त से बाहर हो गई है।
‘हमें अपना अधिकार चाहिए -अच्छा शिक्षा भोजन और प्यार चाहिए’, ‘हम बच्चों ने ठाना है -हमें अपना अधिकार पाना है’, हमें हमारा अधिकार दिलाओ, या कस्तूरबा बंद कराओ के नारे बुलंद करतीं छात्राओं ने कप्तानगंज चौराहे से ब्लॉक संसाधन केंद्र तक मार्चपास्ट की। जिम्मेदारों ने समझा-बुझाकर छात्राओं को शांत कराया। चेतावनी दी कि यदि हमारी मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया और शैक्षिक भ्रमण की व्यवस्था नहीं बनाई गई तो डीएम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। इस दौरान नीतू, रीमा, कंचन, प्रीति, चांदनी, खुशबू, रुचि और शालिनी सहित कई छात्राएं मौजूद रहीं। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष वर्मा का कहना है कि कप्तानगंज और रूधौली के कस्तूरबा विद्यालयों के बच्चों को एक साथ शैक्षिक भ्रमण पर लुंबिनी जाने की व्यवस्था बनी थी। किन्हीं कारणों से फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर बच्चे गुस्सा हो गए।