बनकटी। जोगिया गांव में नौ दिवसीय संगीतमय श्री ब्रह्म महापुराण कथा के चौथे दिन बृंदा वन धाम से आए वत्सल महाराज ने जीवन में वाणी के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। कहा कि गाड़ी और वाणी में ब्रेक बहुत जरूरी है। यदि ब्रेक नहीं लगेगा तो व्यक्ति का जीवन असुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि हमेशा सोच-समझकर ही बोलना चाहिए। वाणी से किसी को भावनात्मक चोट नहीं लगनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में कितना भी पैसा वाला व्यक्ति क्यों न हो, वह अपने दुख नहीं बेच सकता और सुख भी खरीद नहीं सकता। कर्म गति के अनुसार जो लिखा है, वह उसे भोगना ही होगा। उन्होंने महाराज दक्ष और भगवान शिव की महिमा का प्रसंग सुनाया। आयोजक राम प्रगट पांडेय ने बताया कि यह आयोजन पिछले छह वर्षों से लगातार होता आ रहा है और भविष्य में भी इसे जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम में यज्ञाचार्य राघवेंद्र द्विवेदी, राजकुमार पांडेय, बब्बू पाल, जुगल किशोर पाल, रजनीश पाल, नीतेश पाल, रामकर्पूर पांडेय, अवनीश पांडेय, राज पांडेय, शड्डू पाल, प्रेरित पाल, रामचंदर पांडेय, प्रेमनरायन पांडेय, नंद लाल शर्मा, अंकुर पांडेय, शिवम पांडेय आदि उपस्थित रहे।