बस्ती। शहर से सटे गांव महरीपुर में दुधारू पशुओं के मरने की महामारी फैल
गई। हफ्ते भर के भीतर एक-एक कर 15 गाय और भैंसों की मौत हो गई। इससे दहशत
में जी रहे पशुपालकों को लाखों रुपये की हानि उठानी पड़ी है। अभी गांव में
कई पशु बीमार हैं। मगर पशुपालन विभाग के डॉक्टर ग्रामीणों के बुलाने पर भी
नहीं जा रहे हैं।
मंडल मुख्यालय से करीब पांच-सात किलोमीटर दूरी पर
महरीपुर गांव में एक हफ्ते के भीतर फैली बीमारी से आठ गाय और दस भैंसों की
मौत हो चुकी है। सबसे पहले पशुपालक मारकंडे सिंह की एक गाय और एक भैंस की
बीमारी के चलते मौत हुई। इसके बाद कन्हैया बक्श सिंह की भैंस की मौत हुई।
फिर
क्या? पशुओं के मरने और बीमार होने का शुरू हुआ सिलसिला अभी तक नहीं थमा
है। इसी हफ्ते में पशुपालक वीरेंद्र सिंह की दो गाय और उसका एक बच्चा,
रामजीत यादव की दो भैंस व उसका बच्चा, राम निहोर यादव की एक गाय व एक भैंस,
धनेश्वर सिंह की एक गाय, राम अजोर यादव की एक गाय और राधेश्याम यादव की दो
भैंस अब तक मर चुकी हैं।
इसी तरह तमाम पशुपालकों के पशु अभी भी
बीमार हैं। अपने पशुओं को लेकर चिंतिंत पशुपालकों को खौफ सता रहा है, कहीं
उनके भी पशु बीमारी का शिकार न हो जायें। गांव में रामदास गौंड़ की एक गाय व
उसका बच्चा, हरीश की एक गाय,राधेश्याम यादव की एक भैंस, परशुराम सिंह की
तीन भैंस और राम सिंह की एक गाय बीमार है।
पशुओं के बीमार होने की
जानकारी आई है। इस पर विभागीय चिकित्सकों को इलाज के लिए कहा गया है। अगर
अधिक संख्या में पशु मर रहे हैं तो चिंता की बात है, जिन पशुपालकों के पशु
बीमार हैं। उनके इलाज के लिये टीम को भेजा जायेगा। -डॉ. जीसी द्विवेदी,
अपर निदेशक पशुपालन, बस्ती मंडल