गो-आश्रय स्थलों पर अव्यवस्था का बोलबाला
बस्ती। छुट्टा पशुओं के आतंक से किसानों को छुटकारा दिलाने के लिए जिलेभर में पशु आश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया है। इसकी देखभाल के लिए सफाई कर्मियों भी तैनात की गई है। आश्रय स्थलों की हकीकत जानने के लिए ‘अमर उजाला’ की टीम ने गो-आश्रय स्थलों की पड़ताल की। गोवंशीय पशुओं को सिर्फ भूसा खिलाया जाता है। हरे चारे की व्यवस्था महज मकदुमपुर में है। ठंड से पशुओं को बचाने के लिए काफी कम संख्या में काऊकोट दिए गए हैं। अधिकांश गो आश्रय स्थलों पर अव्यवस्था का बोलबाला है।
बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार घुघसा, मकदुमपुर, बाघापार, शोभनपार, खरका में पांच गो-आश्रय स्थलों हैं। खरका केंद्र बंद कर दिया गया है। घुघसा में 16, मकदूमपुर में 19, बाघापार में आठ, सोभनपार में 18 मवेशी हैं। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार मरवटिया ग्राम पंचायत में बने आश्रय स्थलों में 18 मवेशी मिले। केंद्र में काऊकोट पर्याप्त मात्रा में है। चारे में सिर्फ भूसा खिलाने की व्यवस्था है। प्रधान फौजदार ने बताया की भूसे की व्यवस्था की जा रही है। पैकोलिया प्रतिनिधि के अनुसार महादेवा आश्रय स्थल पर 25 मवेशी हैं। टीन शेड के चारों ओर तिरपाल लगाकर ठंड से बचाव किया जा रहा है। प्रधान हरि प्रसाद सिंह ने बताया कि ठंड से बवाव के लिए जूट का बोरा मवेशियों को ओढ़ाया जाता है। महादेवा प्रतिनिधि के अनुसार बनकटी ब्लॉक के शोभनपार में गो आश्रय स्थल बनाया गया है। इसमें 10 मवेशी हैं। कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार बहादुरपुर ब्लॉक के सपही में आश्रय स्थल बनाया गया है। ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। प्रधान अजहर नसीम ने बताया कि फेंसिंग का प्रस्ताव तीन माह पूर्व भेजा जा चुका है।
सिकंदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार परशुरामपुर ब्लॉक के जमौलिया में स्थित आश्रय स्थल पर 13 मवेशी मिले। इसमें एक बीमार और एक चलने में असमर्थ है। सफाईकर्मी प्रमोद चौहान ने बताया कि इलाज चल रहा है। विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के मल्हनी में 32 मवेशी मौजूद हैं। एडीओ पंचायत अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सफाईकर्मी की ड्यूटी पर प्रतिदिन मानीटरिंग की जाती है। मल्हनी मे कुछ जानवरों की मौत हुई है। पशु चिकित्सा अधिकारी राममूर्ति वर्मा को सूचना देकर पोस्टमार्टम कराया गया है। नगर प्रतिनिधि के अनुसार पोखरा बाजार स्थित आश्रय स्थल में 17 मवेशी हैं। टीनशेड के एक ओर से तिरपाल लगाया है। सफाईकर्मी कृष्ण कुमार चौधरी ने बताया कि चोकर व भूसा का पर्याप्त इंतजाम है। कठार जंगल में 169 मवेशी मिले। भानपुर प्रतिनिधि के अनुुसार रामनगर ब्लॉक के नरकटहा में 154 मवेशी मिले। साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब है।
जिम्मेदारों को दिए गए हैं निर्देश: डीएम
डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने पाएगी। व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए एसडीएम और बीडीओ को निर्देशित किया गया है। खुद समीक्षा करता हूं। पहले से कहीं अधिक व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। ठंड और चारे के संबंध में सभी जिम्मेदारों को निर्देश जारी कर दिया गया है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।