बस्ती। कोरोना काल ने वैवाहिक कार्यक्रमों, रस्मों-रिवाजों का तौर तरीका बदलकर रख दिया है। सोमवार को एक ऐसी ही शादी शहर के भुअर निरंजनपुर में सम्पन्न हुई। जिसमें कोरोना कर्फ्यू के कारण पिता उदयपुर से नहीं आ सके तो उन्होंने ऑनलाइन कन्यादान किया। इसी तरह तमाम रिश्तेदारों ने वर्चुअल आशीर्वाद दिया। इस अनूठी शादी के पल पल की रस्म का वर-वधू के स्वजनों तथा यूएस के वैज्ञानिक साथियों ने ऑनलाइन पूरा आनंद लिया।
यूनाइटेड स्टेट के नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी शिकागो में कार्यरत वैज्ञानिक डाक्टर अरुण कुमार उपाध्याय व आईआईटी गौहाटी की रिसर्च स्कालर डाक्टर सौम्या मिश्रा की शादी बेहद सादगी के साथ सोमवार को सम्पन्न हुई। दुल्हन के पिता इंजीनियर राजीव लोचन मिश्र उदयपुर में कोरोना लाकडाउन में फंस गए। इसके बाद उन्होंने वहीं से ऑनलाइन कन्यादान किया तो मां ने विवाह स्थल पर ही आशीर्वाद दिया। विवाह स्थल पर न आ सकने वाले रिश्तेदारों ने नवदंपती को वर्चुअल आशीर्वाद दिया। शहर से सटे भूअर निरंजनपुर निवासी डाक्टर अरुण 2019 से अमेरिका के शिकागो में डाक्टरल रिसर्च के रूप में कार्यरत हैं। पिछले साल कोरोना काल में अप्रैल 2020 में पिता अवधेश कुमार उपाध्याय के निधन के कारण एक वर्ष बाद मांगलिक कार्यक्रम विवाह की तारीख़ चौबीस मई 2021 तय हुई।
यह शादी उदयपुर ,राजस्थान में धूमधाम से होनी थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने सारी तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वजह से उदयपुर राजस्थान में शादी का कार्यक्रम टल गया। लेकिन डा. अरुण ने शुभ मुहूर्त में भुअर निरंजनपुर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच एक दूसरे के गले में वरमाला डाली।
सोमवार शाम डा. अरुण और डा. सौम्या की शादी की रस्म पूरी हुई। सौम्या के पिता इंजीनियर राजीव लोचन मिश्र आनलाइन रहे। माँ डाक्टर आरती मिश्रा, मामा ज्ञानेंद्र शर्मा व अरुण की माँ इन्द्रावती, बड़े पिता संतोष उपाध्याय ,बहन शालिनी, जीजा अजय चौबे,भाई शैलेष ,सीनियर जर्नलिस्ट स्कन्द शुक्ल ,आरएस उपाध्याय ने अनूठी शादी का आनंद लिया। नवदंपत्ती को आशीर्वाद के साथ शुभकामनाएं दी। दो साल से शिकागो में शोधरत डा. अरुण वर्तमान में नोबेल पुरस्कार प्राप्त वैज्ञानिकों के साथ दवाओं की खोज पर काम कर रहे हैं।