गिरफ्त में आने के बाद आरोपी मिथुन राजभर ने पुलिस को बताया कि सब लोगों के शादी में चले जाने के बाद वह डीजे बजाकर महिलाओं और बच्चों के साथ डांस कर रहा था। इस बीच वह बच्चों को टॉफी भी दे रहा था। उस बालिका को भी टॉफी दिखाकर अपने पास बुलाया। चूंकि वह पहले भी उससे टॉफी ले लिया करती थी, इसलिए उसके पास चली गई।
उसे और टॉफी देने का लालच देकर घर से कुछ दूरी पर ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका चिल्लाने लगी और कहने लगी कि अपनी मम्मी को बता देगी। भेद खुलने की डर से उसने वहीं पर मुंह और नाक दबाकर बालिका को मौत के घाट उतार दिया। पोखरे में शव फेंकने के बाद पैर से कीचड़ में धंसा दिया ताकि आसानी से दिखाई न दे।
बरात न गए लोगों की खोजबीन में पकड़ा गया आरोपी
किसी को उस पर शक न हो इसलिए आरोपी मिथुन राजभर भी सबके साथ बालिका को ढूंढने में जुटा रहा। सुबह शव मिलने के बाद आरोपी भी पोखरे पर पहुंचा। कीचड़ से शव निकालने में मदद भी की और शव के ऊपर से कीचड़ हटाने लगा। वहां मौजूद लोगों ने जब उसे ऐसा करने से मना किया और कहा कि यह पुलिस का मामला है तो वह डर गया।
उसे लगा कि लोग उस पर संदेह करने लगे हैं। इसलिए वह वहां से धीरे से सरक लिया। इधर पुलिस ऐसे लोगों का पता लगाने लगी जो बरात में नहीं गए थे। पुलिस के अनुसार वह घर से कहीं भागने की फिराक में था मगर निपनिया पुलिया के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।