दुष्कर्म के दोषी को दस साल कैद की सजा
दोषी पर 24 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, अदा नहीं करने पर भुगतनी होगी 14 माह की अतिरिक्त सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट बृजेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को अरविंद को 10 वर्ष की सश्रम कारावास व 24 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर 14 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता कमलेश चौधरी, अखिलेश दुबे, वंदना चौधरी, अरविंद पांडेय ने अदालत को बताया कि मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है। तीन अक्तूबर 2015 को पीड़िता घर से लापता हो गई जो काफी ढूंढने पर नहीं मिली। कुछ महीने बाद पीड़िता रोते-बिलखते पांच माह की बच्ची लिए घर आई। बताया कि गांव का अरविंद उसे भगा ले गया था और शहर में ले जाकर दुष्कर्म किया। उसने अरविंद के जीजा पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया। जब पीड़िता गर्भवती थी तब अरविंद ने उसे घर से भगा दिया। मुकदमा दर्ज न होने के कारण प्रार्थना पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जिस पर तत्कालीन न्यायिक मजिस्ट्रेट के तीन नवंबर 2015 के आदेश पर महिला थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। तफ्तीश के बाद विवेचक की ओर से केवल अरविंद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। अन्य आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य न मिलने की बात सामने आई। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों को सुनने के बाद अरविंद को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान कर दिया।