नगर बाजार (बस्ती)। नगर बाजार व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौसे आजम उर्फ बड़े पीर दस्तगीर की यौमे पैदाइश अकीदत व एहतराम के साथ मनाई गई। 11वीं शरीफ के नाम से मशहूर इस पर्व पर दिनभर नजर-ओ-नियाज का सिलसिला चलता रहा और जगह-जगह जलसे आयोजित किए गए। सुबह से ही घरों में गौस पाक की नजर-ओ-नियाज की रस्म शुरू हो गई थी। मस्जिदों में महफिलें सजाईं गईं। आलिमों ने गौस पाक की सीरत और अजमत बयान की। उन्होंने लोगों से उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की।
जलसे में हाफिज नूर आलम ने कहा कि 11वीं शरीफ सुन्नी मुस्लिम समाज का प्रमुख पर्व है। इसे इस्लाम के महान संत और सूफी विचारधारा के प्रवर्तक हजरत अब्दुल कादिर जीलानी की याद में मनाया जाता है। वे पैगंबर मोहम्मद साहब के वंशज माने जाते हैं और इस्लाम को पुनर्जीवित करने वाले महान संतों में गिने जाते हैं। संवाद