छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलित संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सोमवार को ताला लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं बाधित रहीं।
मंडल अध्यक्ष विमला यादव ने कहा कि छह सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हुई तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। सदर ब्लॉक अध्यक्ष साधना देवी ने कहा कि सीएचसी और पीएचसी पर आशा कर्मियों से धनउगाही बंद किया जाए। संगिनी नीलम यादव ने कहा कि बढ़ चढ़ कर भागीदारी से मनोबल बढ़ा है। इस दौरान पूनम, रेखा, कमला, गीता पाल, जरीना, संगीता, निर्मला, विद्यावती, तारा आदि शामिल रहीं।
परशुरामपुर प्रतिनिधि के मुताबिक आशा, संगिनी और अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मियों सुबह स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक जुट होकर अन्य कर्मचारियों को बाहर कर गेट में ताला लगा दिया। इस दौरान कांति तिवारी, नीरज यादव, गीतिका, प्रभा पांडेय, सीमा, सरस्वती, रंजना पाठक, पूनम पांडेय, सुमन वर्मा आदि उपस्थित रहीं।
सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष सुशीला चौधरी ने कहा कि मांगों पर सरकार विचार नहीं किया तो टीकाकरण के साथ साथ पल्स पोलियो अभियान का भी बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान जिला संरक्षक फूलचंद्र चौधरी, विद्यावती देवी, रीता देवी, रुपा देवी, सुनीता देवी, सावित्री देवी, प्रेमा देवी, मीना देवी सुमित्रा, निर्मला देवी, गीता, सीमा, विंध्यवासिनी सहित कई अन्य आशा कर्मीं मौजूद रहीं।
बनकटी और दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक आशा कर्मियों ने कहा कि आज आशा, संगिनी और संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हैसियत मनरेगा मजदूरों के बराबर भी नहीं है। इस दौरान जिला अध्यक्ष नीलम शुक्ला कंचन, गीता श्रीवास्तव, स्नेह लता, सारजन, कृष्ण कुमारी, सुशीला, आशा देवी, ममता, कुसुम लता, सूफिया, मिथिला, आरती समेत तमाम आशा कर्मी मौजूद रहीं।
साऊघाट प्रतिनिधि के अनुसार आशा और संगिनी कर्मियों ने सुबह आठ बजे से ही वैक्सीन गेट पर धरना शुरू कर दिया। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजय वर्मा वैक्सीन स्टोर में घुसने नहीं पाए। एनआरएचएम से आई मानीटरिंग की गाड़ी को भी गेट के अंदर घुसने नहीं दिया। ब्लॉक अध्यक्ष संजू चौधरी ने कहा कि जिलाध्यक्ष अन्नपूर्णा दूबे के साथ मिल कर ज्ञापन प्रभारी चिकित्साधिकारी के माध्यम से भेज दिया गया है। हसीना बेगम, माधुरी, राधिका, अनीता, उर्मिला, लक्ष्मी चौधरी, मेवाती, पद्मावती, आशा ,सरोज यादव आदि शामिल रहीं। मरीजों की जांच कर रहीं डॉ.अनिता वर्मा ने स्वीकारा कि कार्य बहिष्कार का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। वहीं अस्पताल पर इलाज के लिए पहुंचे लोगों ने भी स्वास्थय सेवाओं पर असर की बात कही।