लहसुन उत्पादन के लिए चयनित 46 जिलों में बस्ती भी शामिल
एनएचआरडीई नई दिल्ली के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लहसुन की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने विशेष पहल की है। बस्ती जिले को प्रदेश के उन 46 जिलों की सूची में शामिल किया है, जहां भारत सरकार के सहयोग से संचालित योजना के तहत लहसुन की खेती कराई जाएगी। योजना के तहत बस्ती जिले में दो सौ हेक्टेयर में लहसुन की खेती की जाएगी। योजना के तहत प्रदेश में प्रति हेक्टेयर 30 हजार रुपये की इकाई लागत तय की गई है। इनमें से प्रति हेक्टेयर किसानों को 12 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
लहसुन का बीज राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीई), नई दिल्ली उपलब्ध कराएगा। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जल्द किसानों को बीज उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिले में लहसुन की खेती के लिए जलवायु और मिट्टी अनुकूल होने के बावजूद किसानों की रुचि कम होती जा रही है। अमर उजाला ने 21 दिसंबर के अंक में...लहसुन की खेती से किसानों ने मुंह मोड़ा...तभी मिला धंधेबाजों को मौका..शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसे संज्ञान में लेते हुए शासन ने किसानों को प्रोत्साहित कर लहसुन की खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत पंजीकृत किसानों को जल्द बीज वितरित किया जाएगा।
..
लहसुन की खेती प्रोत्साहित करने को योजना लागू
लहसुन की बढ़ती मांग और कीमतों को देखते हुए इसकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजना शुरू की गई है। भारत सरकार के सहयोग से संचालित होने वाली इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में 10 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में लहसुन की खेती की जाएगी। इस पर प्रति हेक्टेयर किसानों को 12 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। बस्ती समेत 46 जिलों में यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत प्रदेश में प्रति हेक्टेयर 30 हजार रुपये की इकाई लागत तय की गई है।
..
अनुदान के लिए कराना पड़ेगा पंजीकरण
किसानों को प्रति हेक्टेयर 40 प्रतिशत, (अधिकतम 12 हजार रुपये) का अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान प्रति किसान न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर से अधिकतम 4.0 हेक्टेयर तक की भूमि पर उपलब्ध होगा। बीज की कीमत 370 से 390 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रखी गई है। इस मिशन के तहत केंद्रांश 60 प्रतिशत और राज्यांश 40 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क करना होगा। साथ ही, विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (dbt.uphorticulture.in) पर ऑनलाइन पंजीकरण भी करना होगा।
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद