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घाघरा की कटान तेज, राहत और बचाव कार्य धीमा

Sun, 07 Aug 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
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विक्रमजोत क्षेत्र मे हो रहा घाघरा नदी का कटान।
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घाघरा की बाढ़ से परेशान लोग और प्रशासन जहां एक ओर उसके तेजी से घटते जलस्तर से राहत महसूस कर रहा है। वहीं नदी के तेज कटान के चलते उनकी सांस भी अटकी हुई है। शनिवार को 92:980 मीटर के स्तर पर प्रवाहित हो रही घाघरा का जलस्तर रविवार कि सुबह 92:660 मीटर पर पहुंच गया। घाघरा इस समय खतरे के निशान से 7 सेमी नीचे बह रही है। वहीं लोलपुर बिक्रमजोत बांध के ठोकर नंबर एक पर जबरदस्त कटान हो रही है, यहां तक कि उसका एक हिस्सा धारा में विलीन हो चुका है। तटबंधो की सुरक्षा और कटान रोकने के लिए तेजी ईट भरे बोरे  बोल्डर जाला बंबू  कैरेट डालने का काम तेजी से हो रहा है, मगर सब कुछ तिनके कि तरह बहा जा रहा है। 
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नदी का स्तर तटों से नीचे चला गया हैं जिससे मुण्डेरीपुर, रानीपुर ,कठवनिया,  गौरियानयन, बाघानाला, भदोई, रामनगर में भीषण कटान जोरों पर है । वहीं कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरापाठख में आबादी के बगल कटान करती नदी के किनारे बने तीन ठोकरों पर बचाव राहत कार्य बंद हैं। जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। समीप के गांव मुंडेरीपुर, खतमसराय, गौरियानैन, भदोई का एक पुरवा बाढ़ की चपेट में आने वाला हैं। इसके अलावा नदी की धारा महज 400 मीटर दूूरी पर होने से नेशनल हाईवे पर भी खतरा बना हुआ है। केशवपुर, रामनगर, रानीपुर, कठवनिया, पठकापुर, बाघानाला, कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, फुलडीह, कौलपुर गांव के लोगों पर बाढ़ का संकट बरकरार है। 

दुबौलिया क्षेत्र के धरमूपुर एहतमाली व देवरागंग बरार गांव के पास भी घाघरा कटान कर रही है। कृषि योग्य भूमि धारा में विहीन हो जाने से किसानों के माथे में चिंता दिखाने लगी है। राशन लेने के लिए लोग नाव से कस्बे में आ रहे है।
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