बस्ती। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित केंद्रीय अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2021-22 में हुए घोटाले की जांच अब आगे बढ़ गई है। पुलिस की अपराध शाखा ने विवेचना में उन लोगों को तलाशना शुरू कर दी है जिनके नाम छात्रवृत्ति का धन आहरित किया गया था। दुबौलिया थाना क्षेत्र के बैरागल गांव के 28 लोगों का प्रपत्र पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस इन्हें नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब तलब की है।
यह मामला कोतवाली में दर्ज हुआ है। कुल एक करोड़ 46 लाख 33,406 रुपये का घोटाला उजागर हुआ था। इसकी विवेचना अपराध शाखा को मिली है। जांच में सामने आया है कि ज्यादातर छात्रवृत्ति योजना का धन जालसाजों ने गैर जनपद के बैंकों के माध्यम से आहरित कराया है। संतकबीर नगर जिले के पौली बाजार स्थित सेंट्रल बैंक शाखा में के विभिन्न खाता में विभाग की तरफ से इस योजना के ज्यादातर धन स्थानांतरित किए गए हैं। जिसे बाद में आहरित कर लिया गया था। पुलिस की विवेचना में खाताधारकों का विवरण हाथ लगा है।
पुलिस अब खाताधारकों को नोटिस देकर जवाब तलब करने लगी है। बैरागल गांव के 28 लोगों को छात्रवृत्ति धन आहरित करने के मामले में नोटिस मिल चुकी है। इसके बाद नोटिस पाने वाले ग्रामीणों में हलचल बढ़ गई है। गांव की रहने वाली मैसारा जहां ने बताया कि उन्हें संतकबीर नगर जिले के पौली बैंक शाखा से अपने खाते में छात्रवृत्ति धन लेने के मामले में पुलिस ने नोटिस दी है। कहा गया है कि हस्ताक्षर करके उन्होंने बैंक से धन आहरित किया था। जबकि वह साक्षर नहीं होने के कारण हस्ताक्षर नहीं कर पाती है।
उन्होंने बताया कि पौली बैंक में उन्होंने कभी अपना खाता नहीं खुलवाया है और न ही कभी उस बैंक में गई है। इसी तरह गांव की नाजमीन, राजमा आदि ने संबंधित बैंक में खाता खुलने और छात्रवृत्ति धन के निकासी से अनभिज्ञता जाहिर की है। इन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस विषय से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। नोटिस आने के बाद ग्रामीण गांव के प्रधान एवं अन्य जागरूक लोगों से उसके बारे में जानकारी करते नजर आ रहे हैं।
वहीं पुलिस की जांच में इस पूरे खेल में विभाग के एक बाबू की भूमिका भी संदिग्ध मिल रही है। हालांकि पुलिस अभी ठोस सबूत जुटाने में लगी हुई है। जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि संबंधित बाबू की मिलीभगत से इतने बड़े पैमाने पर सरकारी धन को हड़पने की जालसाजी की गई है।
-
मेरी पत्नी राजमा के नाम छात्रवृत्ति धन निकालने की नोटिस आई है। जबकि उनका खाता कभी उस बैंक में खोला ही नहीं गया है। फिर भी हमें पुलिस को जवाब देना पड़ रहा है।
-अमजद अली, बैरागल।
-
अचानक पत्नी मैसारा बेगम के नाम नोटिस पाकर हम लोग घबरा गए। ग्राम प्रधान ने काफी तसल्ली दी है। हम लोगों का संतकबीर नगर के पौली से कोई वास्ता ही नहीं है। ऐसे में वहां खाता खोलने का कोई औचित्य ही नहीं बनता।
-इनाम अली, बैरागल।
कोट
मामला पांच साल पुराना है। विवेचना में सभी तथ्य सामने आ रहे हैं। फर्जी छात्रों के नाम छात्रवृत्ति योजना का धन आवंटित किया गया था। छद्दम नामों से दूसरे जनपद के बैंकों में खाता भी खुलवाया है। बैंक से मिले विवरण के आधार पर लोगों को नोटिस दी जा रही है। यदि कोई निर्दोष हैं तो बेधड़क अपना जवाब प्रस्तुत कर दें। इसमें बैंक शाखा के भूमिका की भी जांच की जा रही है।
-ओपी सिंह, प्रभारी, अपराध शाखा।
कोट
प्रकरण संज्ञान में है। घोटाला उजागर होने के तत्काल बाद पूर्ववर्ती अधिकारी ने तत्कालीन इंस्टीट्यूट नोडल आफिसर और हेड आफ इंस्टीट्यूट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। विभाग से जो भी सहयोग अपेक्षित होगा उसे किया जाएगा।
-प्रवीण कुमार मिश्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।