बस्ती। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. राम उजागर शर्मा की 52 वीं पुण्यतिथि पर साहित्यकारों, कवियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कलक्ट्रेट परिसर में पं. राम उजागर शर्मा के पुत्र अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा के संयोजन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में परमात्मा प्रसाद चतुर्वेदी ने कहा कि राम उजागर शर्मा ने जेल में ही परिवर्तन और जागृति के नाम से क्रांतिकारी उपन्यास लिखे, जिसे ब्रिटिश सरकार ने जब्त कर लिया था। डाॅ. वीके वर्मा, पं. चंद्रबली मिश्र, बटुकनाथ शुक्ल, बीके मिश्र, पेशकार मिश्र, वाहिद अली सिद्दीकी आदि ने बताया कि आजादी के बाद उन्होंने अपने गांव गौसपुर में नेहरू कृषक विद्यालय की स्थापना की। इस मौके पर कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में संजीव पांडेय, शत्रुघ्न राय, रामचंद्र पाल, लालजी पांडेय एडवोकेट आदि मौजूद रहे। संवाद