झाड़ियों में गुम हो गईं फोरलेन की पटरियां
ओवरटेक करते समय बगल के वाहन के लिए नहीं बचती जगह
बस्ती। गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन के दोनों तरफ की पटरियों पर झाड़ियां लटकी हुई हैं। कई जगह संकेतक भी झाड़ियों की वजह से साफ नहीं दिखते। एक ही लेन में अक्सर दो बड़े वाहनों के एक साथ आ जाने से इतनी जगह नहीं बचती जिससे छोटे वाहन या बाइक वाला बगल से गुजर सके। खुद को बचाने के लिए साइड में वह बाइक लेकर भाग भी नहीं सकता है।
रात के समय फोरलेन पर यात्रा करना बेहद जोखिम भरा होता है। कई बार बड़े वाहन भी झाड़ियों की वजह से अनियंत्रित हो जाते हैं। वाहन चालकों का कहना है कि यदि पटरियां साफ-सुथरी रहतीं तो कई घटनाओं को रोका जा सकता है।
पूरब को पश्चिम से जोड़ने वाले सबसे महत्वपूर्ण एनएच-28 फोरलेन पर 24 घंटे आवाजाही बनी रहती है। दूरदराज के छोटे-बड़े वाहनों के अलावा जिले के लोग भी बाइक, कार आदि लेकर गुजरते रहते हैं। आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे में औसतन 25 हजार वाहन इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। ऐसा अक्सर होता है जब दो बड़े वाहन ओवर टेक करने लगते हैं तो साइड में चलने वाले छोटे वाहनों व बाइक वालों को जान बचाकर पटरियों की तरफ भागना पड़ता है।
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छह माह से 68 बाइक हादसे, 17 लोगों की मौत
फोरलेन पर छह महीने में 68 बाइक हादसे हो चुके हैं। इनमें 17 लोगों की मौत हो चुकी है। 59 बाइक सवार घायल हो चुके हैं। कार व ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टक्कर व साइड लगने की 19 घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद एनएचएआई ने ध्यान नहीं दे रहा है।
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इन स्थानों पर सबसे ज्यादा झाड़ी
बस्ती से अयोध्या के बीच में तिलकपुर, गड़हा गौतम, कप्तानगंज कस्बे से पहले व बाद में, पुरैना, कटया, गोटवा, तेनुआ, झलियहवा, महराजगंज, खैरी ओझा, बबुरहवा, बड़हरकला, रेड़वल, मझौआ, शंकरपुर, खेसुआ के करीब, पचवस, गोड़सरा आदि स्थानों पर काफी झाड़ी सड़क की तरफ लटकी हुई हैं।
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कोट
बारिश की वजह से झाड़ियां उग आई हैं। पेड़ों की डालियां सड़क की तरफ ज्यादा लटकी हैं, उनकी जल्द छंटाई कराई जाएगी।
श्याम अवतार शर्मा, सेफ्टी मैनेजर, एनएचएआई