गोरखपुर में स्वर्ण व्यवसायी से लूट करने के आरोपी दरोगा सहित चारों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। ये पुरानी बस्ती थाने में तैनात थे। शुक्रवार देर शाम नियुक्ति प्राधिकारी/आईजी परिक्षेत्र एके राय ने एसआई धर्मेंद्र प्रसाद यादव को पदच्युत करने का आदेश जारी किया।
वहीं आरक्षी संतोष यादव, आरक्षी महेंद्र यादव और आरक्षी आलोक भार्गव को एसपी हेमराज मीणा ने बर्खास्त किया। गिरफ्तारी के दिन ही चारों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कराई गई थी।
इन चारों पर 21 जनवरी को गोरखपुर के कैंट इलाके के रेलवे स्टेशन से महराजगंज के दो स्वर्ण व्यापारियों को अगवा कर नौसड़ के पास से 20 लाख रुपये का सोना, चांदी और 10 लाख नकद रुपये लूटने में शामिल होने का आरोप साबित होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
गोरखपुर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर लूटकांड का पर्दाफाश करके दरोगा धर्मेंद्र यादव और दो सिपाहियों सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि आशीष भार्गव की गिरफ्तारी दूसरे दिन की गई थी। एसपी ने बताया कि इन पर लगे आरोपों की विभागीय नियमावली के मुताबिक जांच कराई गई गई, जिसमें सभी पक्षों के बयान लिए गए। प्रतिकूल रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।