फोरलेन पर बाइक लेकर सफर करना अब खतरे से खाली नहीं है। बाइक वालों के लिए कोई लेन नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर होने वाले हादसों के आंकड़े इसके गवाह हैं। सिर्फ बस्ती जिले की सीमा में सात दिन के भीतर बाइक सवार पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार 2022 में जनवरी से लेकर अब तक बाइक वालों के साथ 105 हादसे हुए हैं। इसमें 79 लोगों की जान जा चुकी है। अर्थात हर तीसरे दिन बाइक वाले किसी न किसी वाहन की चपेट में आ रहे हैं। हादसों में मृत्यु का औसत ज्यादा डरावना है। एनएचएआई के सेफ्टी मैनेजर श्याम अवतार शर्मा का कहना है कि बड़े वाहनों के बीच से छोटे वाहनों को बचकर निकलने में ही समझदारी है। इसके लिए समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है।
केस एक
तीन नवंबर को हर्रैया थाने के बिजरा गांव के पास बेकाबू ट्रेलर ने बाइक को चपेट में ले लिया था। इसमें कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बरहपुर गांव के रहने वाले अंकित मिश्रा, पड़ोसी दीपक गौड़ और बगल गांव के रहने वाले रंजीत कुमार की मौत हो गई थी। तीनों एक ही बाइक से अयोध्या पंच कोसी परिक्रमा करने जा रहे थे। पीछे से पहुंचे तेज रफ्तार ट्रेलर ने इनकी बाइक को चपेट में ले लिया था।
केेस दो
नौ नवंबर की रात लखनऊ से स्कूटी से गोरखपुर के मोहद्दीपुर की रहने वाली ललिता निषाद (30) अपने चचेरे भाई आकाश निषाद (21) के साथ गोरखपुर जा रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे हर्रैया फ्लाई ओवर पर पीछे से किसी तेज रप्तार वाहन ने स्कूटी को चपेट में ले लिया। घटना में ललिता का सिर उस वाहन के पहिये के नीचे आ गया। जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
एक ओर खड़े वाहन, दूसरी ओर रफ्तार की होड़
फोरलेन पर एक तरफ से जाने के लिए दो लेन बनी है। एक लेन में ट्रैक्टर-ट्रॉली, आटो जैसे वाहन चलते हैं। उसी लेन में जगह-जगह बस-ट्रक जैसे बड़े वाहन खड़े रहते हैं। ओवरलोड ट्रक भी उसी लेन में चलते हैं। जबकि दूसरी लेन में ओवरस्पीड कारों, बसों का काफिला चलता है। उनके बीच मानो रफ्तार की होड़ लगी हो। उनके बीच से बाइक लेकर गुजरना खतरे से खाली नहीं है।
सर्विस लेन भी चलने लायक नहीं
फोरलेन के सर्विस लेन की दशा सबसे दयनीय है। उन पर या तो अतिक्रमण कर लिया गया है या कोई न कोई वाहन खड़ा रहता है। कई जगह झाड़ियों ने सर्विस लेन को ढक लिया है। इसके अलावा मिट्टी, रोड़े और गंदगी की वजह से भी बाइक लेकर सर्विस लेन में चलने की गुंजाइश बेहद कम है।
ये सावधानियां बरतें
- कार, बसों वाली दाहिनी लेन में कभी न चलें।
- बाइक में दोनों साइड मिरर जरूर लगाएं।
- आगे के साथ ही पीछे से आने वाले वाहन को लेकर चौकन्ना रहें।
- ईयर फोन लगाकर कभी भी वाहन न चलाएं।
- पीछे से हार्न सुनते ही सड़क के किनारे चले जाएं।
- बिना हेलमेट लगाए फोरलेन पर बाइक लेकर न चलें।