बस्ती। स्कूलों तक ‘शिक्षक पहुंचाओ अभियान’ के तहत विकास खंड साऊंघाट के
123 प्राथमिक और 46 जूनियर हाई स्कूलों के निरीक्षण में मिली गड़बड़ी के
मामले में पठन-पाठन में रुचि न लेने वाली चार महिला शिक्षकों को निलंबित कर
दिया गया है।
15 शिक्षकों का एक एक दिन का वेतन रोका गया है। तीन
को आरोप पत्र दिया गया और एक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। खंड
शिक्षा अधिकारियों ने की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने कार्रवाई की है।
बीएसए
संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हथियागढ़ स्थित विद्यालय की सहायक अध्यापिका
अनीता चौधरी ने अप्रैल से अब तक बच्चों को मात्र पांच पाठ पढ़ाया है। इसके
चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया। उच्च प्राइमरी विद्यालय दूधराक्ष की
शिक्षिका नीलम पांडेय को 28 दिसंबर से गैरहाजिर होने के कारण निलंबित किया
गया।
हड़िया स्थित विद्यालय के अखतरी खातून और पूर्णिमा सिंह को
विद्यालय में न रहने पर निलंबित किया गया। बताया कि महुडर स्थित प्राइमरी
विद्यालय में सभी अध्यापक पढ़ाने के बजाए आपस में गप्प लड़ा रहे थे। इस
मामले में तीन शिक्षकों का वेतन रोका गया। इसी तरह आभा सिंह, अनीता
द्विवेदी, फरीदा खातून, निर्मला, सुनीता चौधरी एवं मनभावती का भी एक-एक दिन
का वेतन रोका गया।
भरवलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय पर निरीक्षण
के दौरान तीन शिक्षक पढ़ाने के बजाए गप्प लड़ाते पाए गए, जिसके चलते सभी का
वेतन रोका गया। करही स्थित प्राइमरी विद्यालय के दो अध्यापकों का वेतन
बच्चों को न पढ़ाने के आरोप में वेतन रोका गया।
एमडीएम में
अनियमितता के आरोप में प्राथमिक विद्यालय पुर्सिया द्वितीय की
प्रधानाध्यापिका मधुबाला, प्राथमिक विद्यालय बढ़या राजा की साधना मिश्रा और
प्राथमिक विद्यालय गंध्रिया गजराज के मिथिलेश सिंह को आरोप पत्र दिया गया
है। बताया कि हड़िया स्थित विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण
कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।