बस्ती। जिले में बिजली बिल राहत योजना फ्लाप होती नजर आ रही है। इसमें अब चार दिन और शेष बचे हैं अभी तक एक प्रतिशत भी बकाया वसूली नहीं हो पाई है। यहां के पात्र उपभोक्ताओं को बंपर छूट की यह योजना रास नहीं आई। इसीलिए जिले के महज 31.83 प्रतिशत उपभोक्ता ही इस योजना का लाभ लेने में रूचि दिखाए। छूट के बाद कुल बकाया 553.39 करोड़ के सापेक्ष अभी तक महज 97.19 करोड़ रुपये की वसूली हो पाई है। यह रकम एक प्रतिशत से भी कम है।
लंबे समय से बिजली का बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए शासन स्तर से बंपर छूट के साथ तीन चरणों में बिजली बिल राहत योजना चलाई गई। एक दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक यह योजना क्रमबद्ध चल रही है। पहले चरण में ब्याज में सौ, और मूलधन में 25 प्रतिशत, द्वितीय चरण जनवरी में ब्याज सौ और मूलधन 20 तथा तृतीय चरण फरवरी माह में ब्याज सौ और मूलधन में 15 प्रतिशत छूट अनुमन्य रही।
रुधौली उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता श्याम नरायन कहते हैं कि उनका बिजली का बिल एक लाख से अधिक आया है। जबकि कनेक्शन एक किलोवॉट का है और घर में एक हीं पंखा और बल्ब है। कई बार बिल संशोधित कराने के लिए निगम कार्यालयों का चक्कर कांटे लेकिन, कोई निदान नहीं निकल सका। इसी तरह गॉऊखोर फीडर के उपभोक्ता प्रहलाद बताते हैं कि निगम के जिम्मेदार छूट योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं लेकिन, बिल संशोधन के सवाल पर चुप्पी साध लेते हैं।
कुछ निचले स्तर के जिम्मेदार तो बिल संशोधित कराने में रुपयों की भी डिमांड कर रहे हैं। इसी वजह से छूट योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि इस योजना के तहत बकाया जमा भी कराया जाए तब भी उपभोक्ताओं का नुकसान हैं। क्योंकि निगम ने पहले ही गलत रीडिंग पर बिल प्रस्तुत कर दिया है। जिससे बिजली का बिल बढ़कर आया है। यदि सही से एसेसमेंट करके बिल संशोधित हो और तब छूट का लाभ मिले तभी उपभोक्ताओं का फायदा है। फिलहाल कारण कुछ भी हो योजना का तृतीय चरण समाप्त होने की ओर हैं अभी तक निगम बकाया वसूली में फिसड्डी साबित हुआ है।
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75,928 उपभोक्ताओं ने ही कराया पंजीकरण
जिले में पात्र बकाएदारों की संख्या 2,38,574 हैं। बिजली बिल राहत योजना में अभी तक महज 75,928 उपभोक्ताओं ने ही अपना पंजीकरण कराया है। इसमें केवल 58,496 उपभोक्ताओं ने शतप्रतिशत बकाए की धनराशि जमा की है। पंजीकृत उपभोक्ताओं से कुल 97.19 करोड़ बकाया की वसूली हुई है। जबकि अनुमन्य छूट के बाद कुल बकाया 553.39 करोड़ रुपये हैं। अभी भी निगम का 456.2 करोड़ रुपये बकाया शेष रह गया है।
कोटबिजली बिल राहत योजना लंबे समय से बकाया न जमा कर पाने वालों के लिए चलाई गई है। उन्हें ब्याज में सौ प्रतिशत और मूलधन में भी 15 से 25 प्रतिशत तक छूट दी गई है। इसके बाद भी यदि लोग रूचि नहीं दिखा रहे हैं तो समझ से परे है। जहां तक बिल संशोधन का मामला हैं तो जिनका वाजिब प्रकरण पाया गया उसका निस्तारण भी किया जा रहा है।
-खालिद सिद्दीकी, अधीक्षण अभियंता।