फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदारद मिले शिक्षकों व लिपिक का वेतन रोका

Thu, 14 Jul 2016 11:12 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
विज्ञापन
नदारद मिले शिक्षकों व लिपिक का वेतन रोका - फोटो : getty
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों की तरह इंटर कॉलेज के भी पठन पाठन की व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। डीआईओएस डा. राजेश कुमार आर्य के दूसरे दिन के निरीक्षण में भी शिक्षकों और लिपिकों का बिना अवकाश के गैरहाजिर रहने का सिलसिला जारी रहा। गैर हाजिर रहने वाले पांच शिक्षक और लिपिक का वेतन रोका गया। दो तो ऐसे मिले जिनके अवकाश प्रार्थना पर फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया था। तीन विद्यालयों की जांच में एक भी विद्यालय की साफ सफाई ठीक नहीं रही। सबसे खराब स्थित समाजवादी अभिनव विद्यालय बभनान गौर का रहा। 
विज्ञापन


पहला निरीक्षण लालबहादुर शास्त्री इंटर कालेज मुसहा का हुआ। यहां के प्रधानाचार्य के बारे में बताया गया कि वह बस्ती मीटिंग में गएं हैं। कक्षा छह से आठ के छह वर्ग के 258 बच्चों का नामांकन है, मगर मौके पर मात्र 50 बच्चे ही मिले। एमडीएम का प्रभारी वित्तविहीन शिक्षक को बनाए जाने पर नाराजगी जताई और अनुभवी को प्रभारी बनाने का निर्देश दिया। विद्यालय में साफ सफाई की व्यवस्था खराब रही। बभनान गौर स्थित समाजवादी अभिनव विद्यालय के निरीक्षण में गंदगी का ढेर मिला। 

सहायक अध्यापक राम धीरज यादव को गैरहाजिर मानते हुए एक दिन का वेतन काटने का निर्देश हुआ। एक अन्य कार्यालय सहायक शैलेंद्र कुमार चौधरी भी निरीक्षण के दौरान नहीं मिले, इनका भी एक दिन का वेतन काटने का आदेश हुआ। छह कमरों का निर्माण अधूरा मिला। छात्र संख्या कम मिली। साफ सफाई बहुत ही खराब रही।  
विज्ञापन


इसी तरह डीआईओएस ने जब श्रीराम गरीब सिंह इंटर कालेज कठवतिया सांवडीह का निरीक्षण किया तो यहां पर भी कमियां पाई गई। विद्यालय के चारों ओर घास फूस जमा मिला। सहायक अध्यापक सुरेंद्र कुमार नहीं मिले। सहायक अध्यापक सुभाष चंद्र त्रिपाठी व अनुचर पंकज सिंह ने जो अवकाश प्रार्थना पत्र दिया था, उस पर किया गया हस्ताक्षर फर्जी पाया गया। तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया। साथ ही एक दिन का वेतन भी रोका गया। डीआईओएस ने जांच के दौरान प्रवक्ता संदीप कुमार को कड़ी चेतावनी जारी की । 
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें