यथोचित सम्मान और सामाजिक भागीदारी की वजह से लोगों का उनके प्रति खुला समर्थन रहा। इसी का नतीजा रहा कि लगातार दो बार वर्ष 1983 और 1988 में बहादुरपुर के ब्लाक प्रमुख रहे। इसके बाद उन्होंने निर्दल के रूप में विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाया। 1989 और 1991 के विधानसभा चुनाव में कप्तानगंज सीट से निर्दल विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1995 में जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने। बाद में वह सपा, बसपा और कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर राजनीति करते रहे।
7 दिसंबर 2022 को अपने समर्थकों के साथ वह भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके निधन पर शोक व्याप्त है। सांसद हरीश द्विवेदी पूर्व विधायक दयाराम चौधरी विधायक दुधराम पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी सहित तमाम नेताओं ने आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है।